उद्धव ठाकरे का दशहरा रैली से सरकार पर हमला, बोले- 'जनहित में काम न करे तो सरकार बदल देनी चाहिए'
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में अपनी पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS के…
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में अपनी पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने किसानों की दुर्दशा से लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी और कार्यकर्ताओं से निडर रहने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में ठाकरे ने स्पष्ट तौर पर कहा, “हम यहां सत्ता बदलने आए हैं। जब कोई सरकार जनहित में काम करना बंद कर दे तो उसे बदल देना चाहिए।” उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को योजनाबद्ध तरीके से दबाने का आरोप लगाया। ठाकरे ने दावा किया कि सरकार नागरिकों के वोट देने और शांतिपूर्ण विरोध करने जैसे बुनियादी अधिकारों को छीन रही है।
किसानों के मुद्दे और सरकारी योजनाएं
कृषि संकट को लेकर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए उद्धव ठाकरे ने पूछा कि भारी और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को असल में कितनी राहत दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बड़े राहत पैकेजों के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को या तो कोई मदद नहीं मिली या बहुत मामूली सहायता दी गई।
ठाकरे ने यह भी कहा कि 'नमो किसान योजना' की किस्तें लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाईं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सिर्फ “किसानों के मुंह पर पांच हजार रुपए फेंक दिए हैं।” उन्होंने आर्थिक तंगी की एक दुखद घटना का जिक्र भी किया, जहां एक युवक ने स्कूल टूर के लिए पैसे न होने के कारण आत्महत्या कर ली।
कार्यकर्ताओं को संदेश और पहचान का मुद्दा
रैली में मौजूद भारी भीड़ को संबोधित करते हुए ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बाघ की तरह जीने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “मुर्गीखाने में बंद मुर्गियों की तरह जीवन मत जियो। भले ही एक दिन के लिए जियो, लेकिन बाघ की तरह जियो।” उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि न तो उनकी पहचान और न ही उनका पवित्र भगवा ध्वज कोई छीन सकता है। इसके अलावा, उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार की निंदा करते हुए प्रशासन पर युवाओं और महिलाओं के साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया।
इनपुट: IANS



