चेन्नई में बारिश से जलभराव: TTV दिनाकरन ने सरकार की मानसून तैयारियों पर उठाए गंभीर सवाल
चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में रात भर हुई भारी बारिश के बाद कई जगहों पर पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस स्थिति को लेकर एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने मुख्यमंत्री विजय के…
चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में रात भर हुई भारी बारिश के बाद कई जगहों पर पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस स्थिति को लेकर एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार की मानसून से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिनाकरन ने कहा कि सड़कों और रिहायशी इलाकों में जलभराव ने प्रशासन की एहतियाती तैयारियों की पोल खोल दी है।
दिनाकरन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से सरकार की आलोचना करते हुए पूछा कि जब मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश की चेतावनी दे दी थी, तो प्रशासन जलभराव रोकने में विफल क्यों रहा। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक रात की बारिश ने निवासियों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है, जो ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन और राज्य सरकार की तैयारियों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रशासनिक नियुक्तियों और ज़मीनी हकीकत पर सवाल
एएमएमके नेता ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल मंत्रियों और आईएएस अधिकारियों को निगरानी के लिए नियुक्त कर देना ही काफी नहीं है। उनके मुताबिक, इन नियुक्तियों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर प्रभावी काम और एहतियाती उपायों की भी जरूरत है, ताकि लोगों को मानसून की परेशानियों से वास्तविक राहत मिल सके। दिनाकरन ने आरोप लगाया कि केवल घोषणाएं करने से लोगों को नहीं बचाया जा सकता।
'रील बनाने की जगह काम पर ध्यान दें'
दिनाकरन ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे निरीक्षण के दौरान प्रचार और दिखावे पर अधिक जोर देने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "निगम और राज्य सरकार को कैमरों के सामने दिखावे और सोशल मीडिया रील बनाने के बजाय जलभराव कम करने के काम को प्राथमिकता देनी चाहिए।" उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन को पहले से ही उन जगहों की पहचान करनी चाहिए जहां पानी जमा होने का खतरा है और बारिश से पहले ही सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने सरकार से युद्धस्तर पर तैयारी करने की अपील की और कहा कि जल निकासी नालों को दुरुस्त किया जाए। दिनाकरन ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक निगरानी और बारिश के दौरान आम लोगों को होने वाली वास्तविक समस्याओं के बीच के अंतर को पाटना बेहद ज़रूरी है।
इनपुट: IANS



