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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ट्रंप को झटका, दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को करारा झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों — हाउस ऑफ…

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ट्रंप को झटका, दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत
(फोटो: IANS)

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को करारा झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों — हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट — में नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिससे वॉशिंगटन का राजनीतिक समीकरण बदल गया है।

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इस जीत के बाद 435 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को 256 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े से 81 सीटें अधिक है। वहीं, 100 सीटों वाली सीनेट में भी पार्टी ने कम से कम 54 सीटों पर कब्ज़ा जमा लिया है। यह परिणाम डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ी राजनीतिक हार मानी जा रही है, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने महंगाई कम करने और लोगों का जीवन आसान बनाने जैसे वादे किए थे।

रिपब्लिकन के गढ़ों में भी डेमोक्रेट्स की सेंध

इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि डेमोक्रेट्स ने उन राज्यों में भी जीत हासिल की, जो दशकों से रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत किले माने जाते थे। टेक्सास में हीना हिनोजोसा के गवर्नर चुने जाने से 36 साल पुराना रिपब्लिकन शासन समाप्त हो गया। इसी तरह, कंसास में एडम हैमिल्टन ने सीनेट सीट जीतकर इतिहास रच दिया; वह 95 वर्षों में ऐसा करने वाले पहले डेमोक्रेट हैं। साउथ कैरोलाइना जैसे राज्यों में भी पार्टी को नुकसान हुआ है।

ट्रंप के प्रभाव पर उठे सवाल

चुनाव नतीजों ने रिपब्लिकन पार्टी पर ट्रंप की पकड़ को कमजोर कर दिया है। उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से समर्थन दिए गए कई उम्मीदवार भी हार गए, जिनमें रिश्वतखोरी के आरोपों का सामना कर रहे टेक्सास के केन पैक्सटन और दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन सुसान ग्राहम शामिल हैं। इस हार के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के अन्य नेता ट्रंप की नीतियों, जैसे टैरिफ युद्ध और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनके संबंधों पर खुलकर अपनी राय रख पाएंगे।

बदले-बदले दिखे ट्रंप के सुर

हार की खबरों के बीच ट्रंप ने पहले तो सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर वह खुद मतपत्र पर होते तो पार्टी भारी बहुमत से जीतती। हालांकि, बाद में उनका रुख नरम पड़ गया। उन्होंने कहा, "मैं अगले दो साल सिर्फ हर चीज पर वीटो लगाकर नहीं बैठना चाहता।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वह देशहित में डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।

इसके विपरीत, प्रतिनिधि सभा में संभावित स्पीकर और डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी बड़े बदलाव लाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हमें ऐसी कांग्रेस चाहिए जो सबसे पहले अमेरिकी जनता के हितों को प्राथमिकता दे।"

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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