शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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ईरान पर अमेरिकी नीति: ट्रंप ने और सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए, डेमोक्रेट्स युद्ध खत्म करने पर अड़े

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है, हालांकि उन्होंने इसकी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। वहीं, समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस में…

ईरान पर अमेरिकी नीति: ट्रंप ने और सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए, डेमोक्रेट्स युद्ध खत्म करने पर अड़े
(फोटो: IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है, हालांकि उन्होंने इसकी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। वहीं, समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता राष्ट्रपति की ईरान नीति का खुलकर विरोध कर रहे हैं और इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए वोटिंग कराने की योजना बना रहे हैं।

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व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "अगर संभव हो तो मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।" उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल न करने देने की अपनी बात भी दोहराई। तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा, "वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ भी नहीं कर रहे हैं।"

डेमोक्रेट्स का विरोध और वोटिंग की योजना

कांग्रेस में डेमोक्रेट्स इस मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के एक वरिष्ठ डेमोक्रेट, ग्रेगरी मीक्स ने 4 नवंबर को अपने सहयोगियों को एक पत्र लिखकर कमेटी का अध्यक्ष बनने के लिए समर्थन मांगा। पत्र में उन्होंने वादा किया, "कानूनी मोर्चे पर, मैं राष्ट्रपति के ईरान के साथ युद्ध को तुरंत खत्म करने के लिए प्रस्ताव लाऊंगा।" उन्होंने अमेरिकी विदेश नीति में कांग्रेस की भूमिका को फिर से स्थापित करने को भी अपनी प्राथमिकता बताया।

मीक्स के पत्र में ईरान युद्ध और वेनेजुएला जैसे मुद्दों पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से सार्वजनिक गवाही की मांग का भी प्रस्ताव है। हालांकि, इस वोटिंग के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है।

युद्ध के लक्ष्य और लागत पर सवाल

डेमोक्रेटिक व्हिप कैथरीन क्लार्क ने भी ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने CNN को बताया कि डेमोक्रेट्स युद्ध के स्पष्ट लक्ष्यों, इससे बाहर निकलने की रणनीति और लगातार जारी फंडिंग के बारे में प्रशासन से जवाब मांगेंगे। क्लार्क ने राष्ट्रपति ट्रंप पर देश को 'एक ऐसे लापरवाह युद्ध में धकेलने' का आरोप लगाया, जिसका न तो कोई अंत है और न ही कोई स्पष्ट मकसद। उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष से घरेलू ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।

एशियाई देशों पर प्रभाव

यह पूरा विवाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव को बढ़ाता है, जो भारत, चीन और जापान जैसे प्रमुख एशियाई ऊर्जा आयातकों के लिए चिंता का विषय है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक, 'होर्मुज स्ट्रेट' तेल परिवहन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसका इस्तेमाल ये देश प्रमुखता से करते हैं।

इनपुट: IANS

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