ईरान के साथ बातचीत के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, कनाडाई कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बातचीत जारी रहने की पुष्टि कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके प्रशासन ने एक कथित वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए कनाडा की आठ कंपनियों पर प्रतिबंध लगा…
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बातचीत जारी रहने की पुष्टि कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके प्रशासन ने एक कथित वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए कनाडा की आठ कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि ये कंपनियाँ ईरान से जुड़े वित्तीय लेनदेन में मदद कर रही थीं।
शुक्रवार को व्हाइट हाउस से निकलते समय पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम ईरान से बातचीत कर रहे हैं। हम पहले से ऐसा करते रहे हैं।" उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को हरा दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य अब खुल रहा है।
प्रतिबंधों का निशाना कौन?
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत यह कार्रवाई की है। प्रतिबंधित कंपनियों में मिलियन एक्सचेंज, अमीन एक्सचेंज (दो कंपनियाँ), एनआईए नेशंस करेंसी, फराह एक्सचेंज, सीसीसी इंक, बी गैलेक्सी इंक और दरविश एक्सचेंज शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ये मनी सर्विस कंपनियाँ क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क का इस्तेमाल करके ईरानी मुद्रा रियाल को अन्य मुद्राओं और डिजिटल संपत्तियों में बदल रही थीं। मंत्रालय का कहना है कि इनमें से कई का संबंध ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) जैसी प्रतिबंधित संस्थाओं से जुड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों से था।
कार्रवाई और उसका असर
यह कदम कनाडा की वित्तीय खुफिया इकाई फिनट्रैक (FINTRAC), अमेरिकी वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क और ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के समन्वय से उठाया गया। इन प्रतिबंधों के तहत, अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इन कंपनियों की संपत्तियाँ फ्रीज की जा सकती हैं। साथ ही, अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं के लिए इनके साथ किसी भी तरह का कारोबार करना प्रतिबंधित होगा।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि उनका विभाग ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर नजर रखेगा और ऐसे माध्यमों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने भी कहा कि वाशिंगटन ईरान के हथियार कार्यक्रमों को कथित तौर पर मदद पहुँचाने वाले वित्तीय चैनलों पर कार्रवाई करता रहेगा।
इनपुट: IANS



