उत्तर कोरिया से बातचीत को तैयार अमेरिका, विदेश मंत्री रुबियो बोले- सकारात्मक नतीजे की शर्त पर ट्रंप-किम की मुलाकात संभव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से एक और मुलाकात के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब बातचीत से कोई ठोस और सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद हो। समाचार एजेंसी…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से एक और मुलाकात के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब बातचीत से कोई ठोस और सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद हो। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अटलांटा में यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल दोनों नेताओं के बीच ऐसी किसी बैठक की कोई योजना नहीं है।
जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका और उसके सहयोगियों, खास तौर पर दक्षिण कोरिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने कहा, "आज इस संबंध में मेरे पास कोई घोषणा करने के लिए नहीं है।"
बातचीत का रास्ता खुला
रुबियो ने ट्रंप के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह किसी भी नेता से मिलने को रियायत या उस देश की नीतियों का समर्थन नहीं मानते। उनका मानना है कि गंभीर मतभेदों के बावजूद कई बार संवाद जरूरी होता है। विदेश मंत्री के मुताबिक, यदि उत्तर कोरिया अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंताओं को दूर करने के लिए गंभीर है तो बातचीत का रास्ता खुला है। हालांकि, उन्होंने बैठक के संभावित एजेंडे या शर्तों का कोई ब्योरा नहीं दिया।
अन्य महत्वपूर्ण समझौते
इस दौरान मार्को रुबियो ने जी20 सम्मेलन से इतर हुई अन्य गतिविधियों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक हुई, जिसमें आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका लक्ष्य शांतिपूर्ण संबंध, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने वीजा से जुड़े मुद्दों पर कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया इन्हें आपसी स्तर पर सुलझा लेंगे।
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच पहली ऐतिहासिक मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी। इसके बाद फरवरी 2019 में वियतनाम के हनोई में और जून 2019 में कोरियाई असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में भी दोनों नेता मिले थे।
इनपुट: IANS



