बच्चों के टीकाकरण पर ट्रंप का नया आदेश: एक साथ टीके लगवाने के ख़तरे का सबूत नहीं, फिर भी अलग-अलग डोज़ की वकालत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बच्चों को टीके अलग-अलग समय पर दिए जाने की अपनी पुरानी सलाह का बचाव किया है, जबकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस बात का कोई सीधा प्रमाण मौजूद नहीं है कि एक…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बच्चों को टीके अलग-अलग समय पर दिए जाने की अपनी पुरानी सलाह का बचाव किया है, जबकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस बात का कोई सीधा प्रमाण मौजूद नहीं है कि एक साथ दिए जाने वाले टीके खतरनाक हो सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने यह टिप्पणी बच्चों के लिए वैक्सीन से जुड़ी नई सिफारिशों वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद की।
इस नई नीति में कहा गया है कि जब खसरे, मम्प्स और रूबेला (MMR) के टीके अलग-अलग उपलब्ध हों, तो उन्हें अलग-अलग ही लगाया जाना चाहिए। जब राष्ट्रपति से यह सवाल किया गया कि क्या संयुक्त एमएमआर वैक्सीन के जानलेवा होने का कोई सबूत है, तो उनका सीधा जवाब "नहीं" था। हालांकि, उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि कुछ लोग ऐसा मानते हैं। मेरा कहना है कि मान लीजिए इसमें पांच परसेंट का रिस्क है, तो चलिए इन्हें अलग-अलग कर देते हैं।"
नए आदेश की मुख्य बातें
इस कार्यकारी आदेश में 11 बीमारियों की पहचान की गई है, जिनके लिए सभी बच्चों का टीकाकरण अनिवार्य बताया गया है। वहीं, कुछ अन्य टीके जैसे हेपेटाइटिस बी, इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के लिए अब सभी को वैक्सीन लगवाने की सलाह नहीं दी जाती। ये टीके सिर्फ़ उन समूहों को दिए जाएंगे जिन्हें अधिक खतरा है या फिर यह माता-पिता और डॉक्टरों की आपसी सहमति पर निर्भर करेगा।
ट्रंप ने अपने बच्चों का उदाहरण देते हुए यह भी सलाह दी कि टीके एक ही बार में कई सारे लगवाने के बजाय, अलग-अलग मेडिकल विज़िट के दौरान दिए जाने चाहिए। उन्होंने माना कि बार-बार डॉक्टर के पास जाना असुविधाजनक है, लेकिन उन्होंने अनुमान लगाया कि टीकों के बीच अंतर रखने से ऑटिज्म की दर पर असर पड़ सकता है। अतिरिक्त खर्च के सवाल पर ट्रंप ने परिवारों की मदद का वादा किया, लेकिन किसी विशेष वित्तीय योजना की घोषणा नहीं की।
स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष
हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज सेक्रेटरी रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने बताया कि सरकारी एजेंसियां वैक्सीन की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर इसके दीर्घकालिक प्रभावों की जांच के लिए अध्ययन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगवाने वाले और न लगवाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों की तुलना की जा रही है।
नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) ने भी ऑटिज्म के प्रसार, कारणों और इलाज की जांच के लिए 13 रिसर्च प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है। एनआईएच के डायरेक्टर जे भट्टाचार्य ने ऑटिज्म को एक "बहुत जटिल स्थिति" बताते हुए कहा कि इसके जवाब मिलने में समय लगेगा। उन्होंने खसरे के टीके को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन टीकाकरण पर अलग राय रखने वाले माता-पिता के बच्चों को स्कूल से बाहर रखने का विरोध किया। इस आदेश में राज्यों को अपने टीकाकरण नियमों की समीक्षा करने की भी सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



