अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: वोटर धोखाधड़ी साबित करने पर डोनाल्ड ट्रंप देंगे 10 लाख डॉलर का इनाम
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने मतदाता धोखाधड़ी का पर्दाफाश करने वाले को 10 लाख डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया…
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने मतदाता धोखाधड़ी का पर्दाफाश करने वाले को 10 लाख डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह इनाम उस व्यक्ति को दिया जाएगा जिसकी सूचना के आधार पर किसी की गिरफ्तारी और सज़ा होगी।
सोमवार को एयरफोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "मैं एक मिलियन डॉलर का बोनस या इनाम देने जा रहा हूं। जो भी व्यक्ति वोटर धोखाधड़ी की जानकारी देगा और उसकी वजह से किसी की गिरफ्तारी तथा सजा होगी, उसे एक मिलियन डॉलर दिए जाएंगे।" यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ट्रंप मध्यावधि चुनावों के लिए अपने प्रचार अभियान को तेज़ कर रहे हैं। मंगलवार को उनकी टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी और लुबॉक में रैलियां होनी हैं, जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मिशिगन में प्रचार करेंगे।
प्रवासियों और गैर-नागरिकों पर फोकस
ट्रंप की यह टिप्पणी प्रवासी समुदायों का ध्यान आकर्षित कर सकती है, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी हैं। अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारकों और अस्थायी कार्य वीजा पर रहने वाले भारतीयों को संघीय चुनावों में मतदान का अधिकार नहीं है। एक पत्रकार के सवाल पर ट्रंप ने यह भी दोहराया कि यदि कोई गैर-अमेरिकी नागरिक मतदान करता है, तो उसे निर्वासित (डिपोर्ट) कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हां, हम ऐसा कर रहे हैं और हमने उस प्रक्रिया की शुरुआत भी कर दी है।"
हालांकि, अमेरिका में गैर-नागरिकों द्वारा मतदान करना पहले से ही एक संघीय अपराध है, जिसके लिए जुर्माना, जेल और देश से निष्कासन जैसे कड़े प्रावधान हैं। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने ट्रंप प्रशासन पर मतदाताओं को डराने के लिए कानून-प्रवर्तन एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
इनाम की प्रक्रिया पर अस्पष्टता
इस घोषणा के बावजूद, व्हाइट हाउस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनाम की राशि कैसे दी जाएगी। कौन सी एजेंसी इस प्रक्रिया का संचालन करेगी या इसका कानूनी आधार क्या होगा, इस पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। ट्रंप लंबे समय से अमेरिकी चुनावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। सोमवार को उन्होंने ब्राजील और इज़राइल के चुनावों का भी ज़िक्र किया।
3 नवंबर को होने वाले इन चुनावों में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होगा, जिसमें कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
इनपुट: IANS



