भारत-अमेरिका व्यापार समझौता फाइनल स्टेज में, पीयूष गोयल बोले - भारत को मिलेगा खास लाभ
भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) की बातचीत अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया क
भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) की बातचीत अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया कि ज्यादातर बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गोयल ने यह भी कहा कि भारत एक ऐसा समझौता चाहता है जिससे उसे अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले अमेरिका में बेहतर व्यापारिक फायदा मिल सके।
एनडीटीवी इंडो-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग में अपनी बात रखते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका में हाल के कुछ कानूनी और नीतिगत बदलावों के बावजूद उन्हें इस व्यापार समझौते की राह में कोई बड़ी अड़चन नजर नहीं आती। उन्होंने कहा, "हमें अमेरिका के साथ किसी तरह की कठिनाई नहीं दिख रही है। रियायतों और अन्य अधिकांश पहलुओं पर लगभग सहमति बन चुकी है।"
भारत के हितों को मिली प्राथमिकता
गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने बातचीत के दौरान लगातार यह मांग रखी है कि उसे अपने प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर बाजार पहुंच (market access) मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रशासन ने भारत के इस नजरिए को समझा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) राजदूत जैमीसन ग्रीर ने भी वार्ता के दौरान भारत की इस स्थिति को स्वीकार किया था। वाणिज्य मंत्री के मुताबिक, अमेरिका अब एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनी रहेगी, भले ही वहां के सुप्रीम कोर्ट ने एक अधिनियम के तहत लगे टैरिफ रद्द कर दिए हों।
अन्य देशों के साथ व्यापार समझौते भी तेजी से आगे बढ़े
पीयूष गोयल ने भारत के अन्य महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों की प्रगति पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:
- भारत-ब्रिटेन FTA: यह मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू हो जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रिटेन के बाजार में नए अवसर खुलेंगे।
- भारत-यूरोपीय संघ FTA: इस समझौते की कानूनी समीक्षा अगले 10 से 12 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। गोयल ने विश्वास जताया कि यह समझौता साल के अंत तक लागू हो सकता है, क्योंकि EU के सभी 27 सदस्य देश इसका समर्थन कर रहे हैं।
इसके अलावा, गोयल ने भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब तक इन रिश्तों का आधार निवेश रहा है, लेकिन अब इसे व्यापार, टेक्नोलॉजी और कुशल कामगारों के क्षेत्र में भी विस्तार देने की जरूरत है। उन्होंने जापान को भारत की दीर्घकालिक आर्थिक विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया।
इनपुट: IANS



