तमिलनाडु: भाजपा ने हिंदू धार्मिक अधिकारों में दखल का लगाया आरोप, सरकार से की हस्तक्षेप न करने की मांग
तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की टीवीके सरकार पर हिंदू धार्मिक प्रथाओं में जानबूझकर हस्तक्षेप करने और समुदाय के अधिकारों की रक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है। यह विवाद…
तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की टीवीके सरकार पर हिंदू धार्मिक प्रथाओं में जानबूझकर हस्तक्षेप करने और समुदाय के अधिकारों की रक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है। यह विवाद पुदुकोट्टई जिले के लिंगमलाई में एक प्रस्तावित ईसाई प्रार्थना सभा को लेकर खड़ा हुआ है, जिसके विरोध में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी आलोचना की है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक बयान में दावा किया कि यह प्रार्थना सभा 24 नवंबर को 'महा कार्तिगई' त्योहार के दिन आयोजित करने की योजना थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह आयोजन लिंगमलाई के 400 साल पुराने शिव मंदिर के पास उस जगह पर होना था, जहाँ कथित तौर पर बिना अनुमति के एक क्रॉस स्थापित किया गया है, जबकि ऐसी गतिविधियों पर रोक है।
धार्मिक स्थल और परंपराओं पर विवाद
नैनार नागेंद्रन ने लिंगमलाई के ऐतिहासिक महत्व पर जोर देते हुए बताया कि प्राचीन शिव मंदिर के अलावा यहां चोल-युगीन शिलालेख, मूर्तियां और नंदी की प्रतिमा भी मौजूद है। उन्होंने इस प्रार्थना सभा का विरोध करने वाले मारिमुथु नामक एक हिंदू श्रद्धालु पर हुए कथित हमले की भी निंदा की। उन्होंने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर हिंदू धार्मिक परंपराओं में बाधा डाल रही है। मदुरै की तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर 'कार्तिगई दीपम' जलाने से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्थापित धार्मिक प्रथाओं पर रोक लगा रही है।
वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भी उठाए सवाल
इस मुद्दे पर वरिष्ठ भाजपा नेता एच. राजा ने भी सरकार पर हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने विजयादशमी के दिन बच्चों के स्कूल में दाखिले की पारंपरिक प्रथा पर कथित पाबंदियों पर सवाल उठाया और इसे हिंदू संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। राजा ने मदुरै सेंट्रल के विधायक मुस्तफा के मीनाक्षी अम्मन मंदिर जाने का जिक्र करते हुए सत्ताधारी दल के कुछ प्रतिनिधियों के हिंदू धार्मिक भावनाओं के प्रति रवैये की आलोचना की। उन्होंने सरकार की धर्मनिरपेक्ष साख पर भी सवाल उठाए।
दोनों भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री विजय से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनका प्रशासन सभी धार्मिक समुदायों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने मांग की कि सरकार हिंदू धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करे और सभी को समान सुरक्षा प्रदान करे। राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
इनपुट: IANS



