तेलंगाना: एक ही दिन में दो अलग-अलग मामलों में तीन सरकारी अधिकारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इनमें एक उप-तहसीलदार, एक ग्राम…
तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इनमें एक उप-तहसीलदार, एक ग्राम राजस्व अधिकारी और बिजली वितरण कंपनी का एक सहायक अभियंता शामिल है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पहला मामला मेडचल-मलकाजगिरी जिले का है, जहां ज़मीन से जुड़े एक काम के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने कीसारा मंडल के उप-तहसीलदार अमनगंती संदीप कुमार रेड्डी, ग्राम राजस्व अधिकारी (वीआरओ) नन्नूरी विजय कुमार रेड्डी और एक निजी व्यक्ति कावली बालकृष्ण को गिरफ्तार किया।
ज़मीन को प्रतिबंधित सूची से हटाने की एवज़ में रिश्वत
एसीबी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, उप-तहसीलदार ने कथित तौर पर एक शिकायतकर्ता से उनके परिवार की कृषि संपत्तियों को प्रतिबंधित सूची से हटाने के लिए 5 लाख रुपये की मांग की थी। यह रिश्वत एक निजी व्यक्ति बालकृष्ण के माध्यम से मांगी गई थी। शिकायतकर्ता की मां और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दर्ज इन संपत्तियों को पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि उप-तहसीलदार के कहने पर वीआरओ विजय कुमार रेड्डी ने बालकृष्ण को शिकायतकर्ता से पैसे लेने के लिए उकसाया था। एसीबी की टीम ने बालकृष्ण को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया और रकम भी बरामद कर ली। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत के लिए विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया।
बिजली मीटर के लिए सहायक अभियंता ने ली घूस
दूसरे मामले में, एसीबी ने हैदराबाद में तेलंगाना सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (टीजीएसपीडीसीएल) के एक सहायक अभियंता को 1.2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पंडला संध्या राकेश संतोष नगर उपमंडल के मदनपेट खंड में कार्यरत था।
एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सहायक अभियंता ने एक शिकायतकर्ता से पुराने और खोए हुए मीटरों की जगह छह नए बिजली मीटर लगाने के आवेदन को मंजूरी देने के लिए यह रकम मांगी थी। एसीबी के अधिकारियों ने जाल बिछाकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और रिश्वत की रकम उसके पास से बरामद कर ली। एसीबी ने कहा कि दोनों मामलों में अधिकारियों ने अनुचित लाभ के लिए बेईमानी से काम किया।
इनपुट: IANS



