तेलंगाना के निजी विश्वविद्यालयों पर सुप्रीम कोर्ट की नज़र, सरकारी समिति ने शुरू की गहन जाँच
सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश के बाद तेलंगाना सरकार ने राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों की गहन जाँच शुरू कर दी है। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो हर विश्वविद्यालय का दौरा कर नौ प्रमुख…
सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश के बाद तेलंगाना सरकार ने राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों की गहन जाँच शुरू कर दी है। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो हर विश्वविद्यालय का दौरा कर नौ प्रमुख बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई देशभर में निजी विश्वविद्यालयों के संचालन और उनकी स्थापना के पीछे के उद्देश्यों को लेकर दायर एक याचिका के बाद हो रही है।
यह पूरा मामला 'आयशा जैन बनाम भारत संघ' केस से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सामने निजी विश्वविद्यालयों से जुड़ी कई शिकायतें आई थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अदालत ने इन विश्वविद्यालयों की बढ़ती संख्या, उन्हें स्थापित करने वालों के असली मकसद और वहाँ पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता पर चिंता जताई थी।
जाँच समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
तेलंगाना सरकार द्वारा गठित इस उच्च-स्तरीय समिति की अध्यक्षता कॉलेजिएट शिक्षा आयुक्त (CCE) कर रहे हैं। समिति में तेलंगाना राज्य उच्च शिक्षा परिषद (TGCHE) के सचिव को संयोजक और जेएनटीयू के रजिस्ट्रार को सदस्य-संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा, उस्मानिया विश्वविद्यालय के मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी, पालमुरु विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और तकनीकी शिक्षा विभाग के एक सहायक निदेशक भी सदस्य के तौर पर शामिल हैं। समिति को जाँच के लिए ज़रूरत पड़ने पर किसी विशेषज्ञ को भी शामिल करने का अधिकार दिया गया है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, यह निरीक्षण टीम सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित नौ विशेष पहलुओं के साथ-साथ अन्य ज़रूरी मामलों की भी जाँच करेगी। इस जाँच के आधार पर एक विस्तृत शपथ-पत्र (affidavit) तैयार किया जाएगा, जिसे राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगी। शपथ-पत्र जमा होने के बाद अदालत के अगले निर्देशों के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को विश्वविद्यालयों की स्थापना के उद्देश्य से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता तक हर पहलू की जाँच करने का निर्देश दिया है।
इनपुट: IANS



