हैदराबाद: बिल्डिंग निर्माण में मदद के बदले मांगी 8 लाख की घूस, अफसर रंगे हाथों गिरफ़्तार
हैदराबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीएचएमसी) की एक टाउन प्लानिंग अफसर को 4 लाख रुपये की रिश्व…
हैदराबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीएचएमसी) की एक टाउन प्लानिंग अफसर को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने एक व्यक्ति को परेशान न करने और उसके भवन निर्माण को जारी रखने देने के एवज में यह रकम मांगी थी।
एसीबी ने बताया कि गोलकोंडा जोन में टाउन प्लानिंग सुपरवाइजर के पद पर तैनात तुलसाराम सुनीता ने शिकायतकर्ता से कुल 8 लाख रुपये की मांग की थी। सोमवार को वह इसी रकम की पहली किस्त के तौर पर 4 लाख रुपये ले रही थीं, तभी एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
रिश्वत के अलावा भी मिली नकदी
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अफसर ने यह रिश्वत जीएचएमसी के डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी किए गए आदेशों की अनदेखी करने के लिए मांगी थी। इसका मकसद शिकायतकर्ता को भविष्य में सहयोग का आश्वासन देना भी था। भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी ने एक बयान जारी कर कहा कि रिश्वत के 4 लाख रुपये आरोपी के पास से बरामद कर लिए गए हैं।
छापेमारी के दौरान रिश्वत की रकम के अलावा, अधिकारी के पास से 2.50 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी मिली, जिसे जब्त कर लिया गया है। एसीबी का कहना है कि अफसर ने अनुचित लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। आरोपी को नामपल्ली स्थित विशेष अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की आगे की जांच जारी है।
एक अन्य मामले में भी तीन गिरफ़्तार
इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में, एसीबी ने रंगा रेड्डी जिले की मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर स्वर्णा कुमारी, हेल्थ इंस्पेक्टर एम. श्रीनिवास और एक प्राइवेट ड्राइवर मड्डुरी कृष्णाया को भी रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ़्तार किया। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक जब्त किए गए फिजियोथेरेपी सेंटर की चाबियां लौटाने के बदले 1 लाख रुपये की घूस मांगी थी। एसीबी ने ड्राइवर के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है और तीनों को अदालत में पेश किया जा रहा है।
इनपुट: IANS



