तेलंगाना: कोयले की कमी से बिजली उत्पादन ठप, सरकार ने कोल इंडिया से मदद मांगी
तेलंगाना के यदाद्री थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन रुक जाने से राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर अब महानदी कोलफील्ड्स और कोल इंडिया से जी-9 ग्रेड का…
तेलंगाना के यदाद्री थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन रुक जाने से राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर अब महानदी कोलफील्ड्स और कोल इंडिया से जी-9 ग्रेड का कोयला खरीदा जाएगा ताकि प्लांट को फिर से चालू किया जा सके। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को दशहरा तक प्लांट में पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई ऊर्जा क्षेत्र की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने जानकारी दी कि वे जल्द ही इस मुद्दे पर केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कोयले की कमी से उत्पादन रुकने को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
कोयले की कमी और पिछली सरकार पर आरोप
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यदाद्री प्लांट को चलाने के लिए विशेष जी-9 ग्रेड के कोयले की जरूरत है, लेकिन राज्य की अपनी कंपनी सिंगरेनी के पास इस ग्रेड का उत्पादन करने के लिए कोयला ब्लॉक नहीं हैं। उपमुख्यमंत्री ने इसके लिए पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पिछली सरकार के गलत फैसलों के कारण प्लांट को कोयला खदानों से बहुत दूर बनाया गया, जिससे कोयला परिवहन पर राज्य को लगभग 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने कोयला ब्लॉक की नीलामी में हिस्सा नहीं लिया, जिसके कारण सिंगरेनी जी-9 ग्रेड का कोयला सप्लाई करने में असमर्थ है। अधिकारियों ने बताया कि सिंगरेनी के 14 कोयला ब्लॉक पहले ही बंद हो चुके हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
इस बीच, विपक्षी दल बीआरएस ने भी इस मामले पर अपनी सक्रियता दिखाई है। पार्टी की एक तथ्य-खोज टीम गुरुवार को राज्य के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट और सिंगरेनी मुख्यालय का दौरा करेगी। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव के निर्देश पर गठित यह टीम जमीनी स्थिति का जायजा लेगी और बिजली परियोजनाओं की प्रगति व मौजूदा सरकार के कामकाज पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
इनपुट: IANS



