तेलंगाना में सूखे का संकट: राज्य सरकार ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट, सर्वदलीय बैठक में बनी रणनीति
तेलंगाना में अल नीनो के प्रभाव से उपजे सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। बुधवार को उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने इसकी जानकारी देते हुए…
तेलंगाना में अल नीनो के प्रभाव से उपजे सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। बुधवार को उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठा रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो आवश्यक सहायता के लिए दिल्ली में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेगा।
यह घोषणा सरकार द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक के बाद की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य वर्षा की कमी और अल नीनो के प्रभाव से निपटने के उपायों पर चर्चा करना था। उपमुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस संभावित संकट से निपटने के दौरान राजनीतिक आलोचना से ऊपर उठकर व्यापक जनहित में सरकार का सहयोग करें।
सर्वदलीय मंथन और आगे की रणनीति
इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस, बीआरएस, भाजपा, एआईएमआईएम, सीपीआई और सीपीएम समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। नेताओं ने किसानों को सहायता देने, सिंचाई और पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए अपने सुझाव दिए। उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी दलों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए एक समन्वित कार्य योजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक भावना का पालन करते हुए सभी दलों को आमंत्रित किया गया। नेताओं के सुझावों को दर्ज कर लिया गया है और सरकार व्यावहारिक सिफारिशों को अपनी कार्य योजना में शामिल करने का हरसंभव प्रयास करेगी।"
चुनौतियां और सरकार की तैयारी
विक्रमार्क ने चिंता जताते हुए कहा कि वर्षा की कमी केवल तेलंगाना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्यों और देश के अन्य हिस्सों में भी यही स्थिति है। इससे जलाशयों में दूसरे राज्यों से पानी आने की संभावना कम हो गई है, जिससे कुशल जल प्रबंधन का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि सरकार आने वाले महीनों की संभावित स्थितियों का आकलन कर रही है और चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रही है। इसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की कमी को रोकना तथा पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
बैठक में उपमुख्यमंत्री के अलावा उप-समिति के सदस्य और राज्य मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी, तुम्माला नागेश्वर राव, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, दानासारी सीताक्का और वकिति श्रीहरि भी मौजूद थे। साथ ही मुख्य सचिव संजय जाजू और नोडल अधिकारी रामकृष्ण राव ने भी इसमें भाग लिया।
इनपुट: IANS



