टाटा स्टील की बड़ी विस्तार योजना: 40 मिलियन टन सालाना उत्पादन लक्ष्य, नए प्लांट के लिए जमीन की तलाश शुरू
भारत की प्रमुख इस्पात निर्माता कंपनी टाटा स्टील अपने उत्पादन को दोगुना करने के दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन
भारत की प्रमुख इस्पात निर्माता कंपनी टाटा स्टील अपने उत्पादन को दोगुना करने के दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) तक ले जाने के लिए अगले विस्तार चरण की तैयारी शुरू कर दी है। यह जानकारी कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 119वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में दी।
चंद्रशेखरन ने बताया कि हाल ही में कलिंगनगर संयंत्र के दूसरे चरण के चालू होने के साथ ही टाटा स्टील की कुल इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 मिलियन टन सालाना हो गई है। यह 40 MTPA के बड़े लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
विस्तार और भविष्य की रणनीति
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए चेयरमैन ने कहा कि कंपनी ने इस लक्ष्य से भी आगे की वृद्धि के लिए कमर कस ली है। इसके लिए नए संयंत्र स्थापित करने के वास्ते संभावित जगहों का मूल्यांकन और भूमि अधिग्रहण के विकल्पों पर काम शुरू हो चुका है। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि तकनीक, परिचालन उत्कृष्टता और सतत निवेश के माध्यम से खुद को एक बड़ी, हरित (ग्रीन) और स्मार्ट कंपनी के रूप में स्थापित करना है।
यूरोपीय कारोबार और चुनौतियाँ
यूरोप में कंपनी के कारोबार पर चंद्रशेखरन ने कहा कि वहां पुनर्गठन की प्रक्रिया के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने नीदरलैंड में परिचालन से जुड़ी चुनौतियों को भी स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि वहां पर्यावरण संबंधी नियम अब यूरोपीय संघ (EU) के मानकों से भी अधिक सख्त हो गए हैं, जिससे परिचालन का माहौल चुनौतीपूर्ण हो गया है। कंपनी इस मुद्दे का स्थायी हल निकालने के लिए डच सरकार और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रही है, ताकि समाधान पर्यावरण नियमों के अनुरूप होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से व्यावहारिक भी हो।
तकनीक और डिजिटल पहल
टाटा स्टील अपने परिचालन में आधुनिक तकनीक को भी तेजी से अपना रही है। चेयरमैन के मुताबिक, कंपनी अब तक अपने विभिन्न कार्यों में 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉडल लागू कर चुकी है। इनका मुख्य उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, लागत घटाना और परिचालन दक्षता में सुधार करना है। इसके अलावा, कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म 'आशियाना' और 'डिगईसीए' ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ₹9,360 करोड़ का सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत की भारी वृद्धि है।
शेयर बाजार में प्रदर्शन
इस बीच, गुरुवार दोपहर एनएसई पर टाटा स्टील के शेयर 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹186.49 के आसपास कारोबार कर रहे थे। पिछले एक महीने में स्टॉक में 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, लेकिन पिछले एक साल में यह 12 प्रतिशत से अधिक चढ़ा है। शेयर का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹224.40 और निम्नतम स्तर ₹152.51 रहा है।
इनपुट: IANS



