असम सेमीकंडक्टर प्लांट में पायलट चिप का उत्पादन शुरू, दिसंबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन
असम के मोरीगांव जिले के जागीरोड में बन रही महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को बताया कि प्लांट में…
असम के मोरीगांव जिले के जागीरोड में बन रही महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को बताया कि प्लांट में पहले 'क्लीन रूम' का निर्माण पूरा हो चुका है और पायलट चिप का उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस सुविधा का औपचारिक उद्घाटन दिसंबर या जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है।
यह परियोजना 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' का एक अहम हिस्सा है, जिसे फरवरी 2024 में मंजूरी मिली थी। इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। केंद्र सरकार ने इसे देश की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट बताया है, जो घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगी।
परियोजना का पैमाना और क्षमता
लगभग 27,000 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश से तैयार हो रही इस सुविधा को दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इसमें दो क्लीन रूम होंगे, जिनमें से एक तैयार है और दूसरे पर काम चल रहा है। पूरी तरह से चालू होने पर यह प्लांट प्रतिदिन 4.8 करोड़ (48 मिलियन) सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करने में सक्षम होगा।
रोज़गार और तकनीकी उन्नति
इस प्लांट में वायर बॉन्डिंग, फ्लिप चिप और इंटीग्रेटेड सिस्टम पैकेजिंग जैसी उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां बनने वाली चिप्स का उपयोग ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, संचार और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होगा। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, इस परियोजना और इसके सहायक इकोसिस्टम से लगभग 27,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे असम की औद्योगिक स्थिति मजबूत होगी और यह पूर्वोत्तर में एक प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरेगा।
इनपुट: IANS



