तमिलनाडु में नर्सिंग की पढ़ाई सस्ती होगी, सरकारी कॉलेजों में 855 नई सीटें जुड़ेंगी
तमिलनाडु में नर्सिंग की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने 13 सरकारी संस्थानों में नर्सिंग की 855 नई सीटें बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों…
तमिलनाडु में नर्सिंग की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने 13 सरकारी संस्थानों में नर्सिंग की 855 नई सीटें बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम से राज्य में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) नर्सिंग की कुल सरकारी सीटें 796 से बढ़कर 1,651 हो जाएँगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवर तैयार करना और छात्रों को महँगे निजी कॉलेजों का एक किफायती विकल्प देना है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (DMER) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और जरूरी नियामक स्वीकृतियां मिलते ही इन नई सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
किस कोर्स में कितनी सीटें बढ़ेंगी?
सरकार ने अलग-अलग नर्सिंग कोर्स में सीटों का विस्तार किया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, सीटों का बँटवारा इस प्रकार होगा:
- बीएससी नर्सिंग (BSc Nursing): 660 नई सीटें जोड़ी जाएँगी, जिससे कुल सीटें 510 से बढ़कर 1,170 हो जाएँगी।
- पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग (Post Basic BSc Nursing): इसमें 120 नई सीटें जोड़ी जाएँगी।
- एमएससी नर्सिंग (MSc Nursing): इस कोर्स में 75 नई सीटें बढ़ाई जाएँगी।
कहाँ-कहाँ मिलेंगी ये नई सीटें?
ये अतिरिक्त सीटें राज्य के 13 सरकारी संस्थानों में उपलब्ध होंगी। इनमें से अधिकांश सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बन रहे छह नए 'मॉडल कॉलेज ऑफ नर्सिंग' में होंगी। हर कॉलेज के निर्माण पर लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत आ रही है, जिसमें तमिलनाडु डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी वित्तीय मदद दे रही है।
बीएससी नर्सिंग की 100-100 सीटें तिरुचिरापल्ली, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, धर्मपुरी, इरोड और तिरुनेलवेली के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी। वहीं, कोयंबटूर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, ईएसआई एंड हॉस्पिटल में 60 नई सीटें जोड़ी जाएँगी।
पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की 120 सीटें चेंगलपट्टू, थेनी और कडलूर के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े नर्सिंग कॉलेजों में बराबर-बराबर बाँटी जाएँगी। इसी तरह, एमएससी नर्सिंग की 75 सीटें चेंगलपट्टू, सलेम और थेनी के कॉलेजों में समान रूप से आवंटित होंगी।
छात्रों को आर्थिक रूप से कैसे फायदा होगा?
अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से वे छात्र सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे जो निजी नर्सिंग कॉलेजों की भारी फीस नहीं दे पाते। सरकारी कॉलेजों में बीएससी और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की सालाना फीस करीब 60,000 रुपये है, जबकि निजी कॉलेजों के मैनेजमेंट कोटे में यह 1.2 लाख रुपये तक पहुँच जाती है। इसी तरह, एमएससी नर्सिंग की सरकारी फीस 75,000 रुपये है, जबकि मैनेजमेंट कोटे में यह 1.25 लाख रुपये है। तमिलनाडु नर्सिंग काउंसिल के आँकड़ों के अनुसार, राज्य में हर साल लगभग 19,000 छात्र नर्सिंग में पंजीकरण कराते हैं।
इनपुट: IANS



