सोमवार, 28 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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तमिलनाडु में महिला उद्यमी: सरकार की नई योजना के तहत 5 करोड़ तक के लोन का रास्ता खुला

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की है। 'वेट्री मगालीर तोझिलमुनैवोर मेम्बट्टू थिट्टम' नाम की इस नई योजना के तहत, अपना कारोबार शुरू करने या उसे विस्तार…

तमिलनाडु में महिला उद्यमी: सरकार की नई योजना के तहत 5 करोड़ तक के लोन का रास्ता खुला
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की है। 'वेट्री मगालीर तोझिलमुनैवोर मेम्बट्टू थिट्टम' नाम की इस नई योजना के तहत, अपना कारोबार शुरू करने या उसे विस्तार देने की इच्छुक महिलाओं को 10 लाख से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य महिलाओं के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से पूंजी प्राप्त करना आसान बनाना है।

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इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सरकार ने एक अनूठा तरीका अपनाया है। राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को अपने-अपने इलाके से 10-10 संभावित महिला उद्यमियों की पहचान करने के लिए कहा गया है। इस प्रक्रिया से शुरुआती दौर में ही 2,340 आवेदकों का एक समूह तैयार हो सकता है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का लाभ बड़े शहरों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों तक भी पहुंचे।

लोन की शर्तें और प्रक्रिया

यह लोन तमिलनाडु इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (टीआईआईसी) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर 9.95% की वार्षिक ब्याज दर लागू होगी, जिसकी गणना घटते हुए बैलेंस पर की जाएगी। लोन चुकाने के लिए अधिकतम नौ साल की अवधि मिलेगी। विधायकों द्वारा पहचानी गई महिलाओं की प्रोफाइल उद्योग विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ अधिकारी उनकी पात्रता और अन्य शर्तों का आकलन करेंगे।

उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री एस. कीर्तना ने स्पष्ट किया कि केवल विधायक द्वारा नाम भेजे जाने से ही लोन की मंजूरी नहीं मिल जाएगी। हर प्रस्ताव का मूल्यांकन किया जाएगा और लोन की राशि तय नियमों के आधार पर ही स्वीकृत होगी। यह योजना उन महिलाओं के लिए भी है जो पहले से व्यापार कर रही हैं और उसे बढ़ाना चाहती हैं।

योजना का उद्देश्य

मंत्री एस. कीर्तना ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "कई महिलाओं में अपना बिजनेस शुरू करने की चाहत और काबिलियत तो थी लेकिन उन्हें शुरू करने के लिए जरूरी पैसे जुटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पैसे की कमी अक्सर महिलाओं के बिजनेस प्लान को हकीकत में बदलने में एक बड़ी रुकावट बनती है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ कर्ज देना नहीं, बल्कि महिलाओं को उद्यमिता का एक मजबूत रास्ता प्रदान करना है, जिससे वे नौकरियां पैदा कर सकें और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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