तमिलनाडु में धान की रिकॉर्ड खरीद: अन्न भंडार भरा, केंद्र पर निर्भरता घटेगी
तमिलनाडु ने इस साल धान की सरकारी खरीद में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य की एजेंसियों ने 2025-26 में कुल 64.2 लाख मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद की है, जो अब तक…
तमिलनाडु ने इस साल धान की सरकारी खरीद में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य की एजेंसियों ने 2025-26 में कुल 64.2 लाख मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद की है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह मात्रा पिछले साल के 47.98 लाख मीट्रिक टन के आँकड़े से 16.22 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
इस रिकॉर्ड तोड़ खरीद से राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए चावल का भंडार काफी मजबूत हो गया है। इससे राज्य की केंद्र सरकार से की जाने वाली अतिरिक्त चावल खरीद पर निर्भरता भी कम होने की उम्मीद है। इस बार खरीदी गई 64.2 लाख मीट्रिक टन धान से लगभग 42.44 लाख मीट्रिक टन चावल का उत्पादन होने का अनुमान है, जो राज्य की सालाना PDS ज़रूरत (लगभग 33.36 लाख मीट्रिक टन) से काफी ज़्यादा है।
किसानों को मिला बेहतर दाम
इस बढ़ोतरी के पीछे सरकार द्वारा दिए गए बेहतर मूल्य और सुनिश्चित खरीद को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने 10 अगस्त को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर दिए जाने वाले राज्य प्रोत्साहन में भारी वृद्धि की घोषणा की थी।
घोषित नई दरें इस प्रकार हैं:
- उत्तम किस्म: प्रोत्साहन राशि ₹156 से बढ़ाकर ₹289 प्रति क्विंटल कर दी गई, जिससे किसानों को कुल ₹2,750 प्रति क्विंटल मिले।
- सामान्य किस्म: प्रोत्साहन ₹131 से बढ़कर ₹159 प्रति क्विंटल हुआ, जिससे कुल खरीद मूल्य ₹2,600 प्रति क्विंटल हो गया।
टीएनसीएससी की प्रबंध निदेशक शिल्पा प्रभाकर सतीश ने भी कहा कि सुनिश्चित समर्थन मूल्य ने किसानों के लिए प्रत्यक्ष खरीद केंद्रों के माध्यम से उपज बेचना ज़्यादा आकर्षक बना दिया है।
राज्य की आत्मनिर्भरता और भविष्य की तैयारी
इस बंपर खरीद के लिए अनुकूल जलवायु परिस्थितियों और जलाशयों से समय पर पानी छोड़े जाने को भी श्रेय दिया गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पी. वेंकटरमनन ने बताया कि कुल खरीद में उत्तम किस्म के धान का हिस्सा लगभग 60 प्रतिशत रहा। इसे देखते हुए, सरकार नवंबर से उचित मूल्य की दुकानों पर बेहतर किस्म के चावल का वितरण बढ़ाने की योजना बना रही है।
राज्य में वर्तमान में एफसीआई हर महीने लगभग 2.78 लाख मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति करता है। इसके अलावा राज्य केंद्र से लगभग एक लाख मीट्रिक टन चावल ₹23.20 प्रति किलोग्राम की दर से खरीदता है। नए घरेलू भंडार से इस अतिरिक्त खरीद पर होने वाले खर्च में कमी आने की संभावना है। इस बीच, 1 सितंबर से 2026-27 खरीफ विपणन सीजन की खरीद भी शुरू हो गई है।
इनपुट: IANS



