कावेरी डेल्टा के किसानों को राहत, मेट्टूर बांध से 45 दिनों तक मिलेगा सिंचाई का पानी
तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा क्षेत्र के लाखों किसानों के लिए राहत की खबर है। कर्नाटक में हुई भारी बारिश के बाद मेट्टूर बांध का जलस्तर 90 फीट के पार पहुँच गया है, जिसके बाद सरकार ने सिंचाई के लिए पानी…
तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा क्षेत्र के लाखों किसानों के लिए राहत की खबर है। कर्नाटक में हुई भारी बारिश के बाद मेट्टूर बांध का जलस्तर 90 फीट के पार पहुँच गया है, जिसके बाद सरकार ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय मंगलवार को औपचारिक रूप से बांध के द्वार खोलेंगे, जिससे 13 जिलों की लगभग 16 लाख एकड़ कृषि भूमि को पानी मिल सकेगा।
यह बांध डेल्टा किसानों की जीवन रेखा माना जाता है। आमतौर पर हर साल 12 जून को खेती के लिए पानी छोड़ दिया जाता है, लेकिन इस बार कावेरी के जलग्रहण क्षेत्रों में कम बारिश के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका था।
कर्नाटक में बारिश से बदला परिदृश्य
पिछले दो हफ्तों में कर्नाटक में भारी वर्षा के कारण स्थिति में बड़ा सुधार आया। वहाँ के काबिनी और कृष्णा राजा सागर जलाशयों में जल प्रवाह बढ़ने पर अतिरिक्त पानी कावेरी नदी में छोड़ा गया। इसी के चलते मेट्टूर बांध में पानी लगातार बढ़ता गया और जलस्तर ज़रूरी स्तर से ऊपर पहुँच गया।
किसानों की लगातार माँग को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की कि 1 सितंबर से 45 दिनों के लिए डेल्टा जिलों में सिंचाई की सुविधा दी जाएगी। शुरुआत में कावेरी नदी में 3,000 घन फीट प्रति सेकंड (क्यूसेक) की दर से पानी छोड़ा जाएगा। बाद में, जलाशय में पानी की आवक और सिंचाई की ज़रूरतों के आधार पर इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री के दौरे की व्यापक तैयारी
मुख्यमंत्री विजय इस मौके पर मौजूद रहने के लिए चेन्नई से एक निजी विमान द्वारा सलेम के ओमालूर कमलपुरम हवाई अड्डे पर उतरेंगे और फिर सड़क मार्ग से मेट्टूर पहुँचेंगे। उनके दौरे को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हवाई अड्डे से मेट्टूर तक के रास्ते में पार्टी के झंडे लगाए गए हैं और सड़कों पर लोहे के बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरे सलेम जिले, हवाई अड्डे और मेट्टूर बांध के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
इनपुट: IANS



