आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मेडिकल पैरोल बढ़ाने से इनकार, जेल वापसी का आदेश
नाबालिग से बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने मेडिकल आधार पर उनकी पैरोल अवधि बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय…
नाबालिग से बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने मेडिकल आधार पर उनकी पैरोल अवधि बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने उन्हें मंगलवार शाम तक जेल में आत्मसमर्पण करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आसाराम को राजस्थान उच्च न्यायालय ने 6 अक्टूबर को 20 दिनों की पैरोल दी थी, जिसकी अवधि अब समाप्त हो रही है। इस दौरान वह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सरकारी धनवंतरी आयुर्वेदिक अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे। उनके वकील ने इसी इलाज को जारी रखने का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से और समय मांगा था, लेकिन अदालत ने यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया।
स्वास्थ्य ज़रूरतों का ध्यान रखने का निर्देश
हालांकि पैरोल बढ़ाने से इनकार करते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जेल में आसाराम की चिकित्सा संबंधी ज़रूरतों का पूरी तरह से ध्यान रखा जाए। उन्हें मंगलवार शाम 5 बजे तक जोधपुर की केंद्रीय जेल में वापस लौटना होगा, जहां वे 2013 के बलात्कार मामले में सज़ा काट रहे हैं।
मुख्य मामले पर सुनवाई 6 नवंबर को
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट 6 नवंबर को आसाराम की उस मुख्य अपील पर सुनवाई करेगा, जो उन्होंने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर की है। इसके लिए अदालत ने अपनी रजिस्ट्री को निचली अदालत से मामले से जुड़े सभी भौतिक और डिजिटल रिकॉर्ड मंगवाने का भी आदेश दिया है। सुनवाई की अगली तारीख 6 नवंबर को दोपहर 2 बजे तय की गई है। गौरतलब है कि आसाराम को सूरत के एक अन्य बलात्कार मामले में भी गुजरात की एक निचली अदालत ने दोषी ठहराया था।
इनपुट: IANS



