कर्नाटक में 'हनी ट्रैप' के आरोपों पर सियासी घमासान, विपक्ष ने CM शिवकुमार से मांगा सबूत और जांच
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के उस दावे ने राज्य में सियासी हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने खुद को और कई कैबिनेट मंत्रियों को 'हनी ट्रैप' में फंसाने की कोशिश का आरोप लगाया था। अब विधानसभा…
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के उस दावे ने राज्य में सियासी हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने खुद को और कई कैबिनेट मंत्रियों को 'हनी ट्रैप' में फंसाने की कोशिश का आरोप लगाया था। अब विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने इस मामले पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है और आरोपों की औपचारिक जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने दावा किया था कि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए तस्वीरें और दस्तावेज मौजूद हैं। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आर. अशोक ने गुरुवार को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कोई निजी मामला नहीं है, बल्कि यह सरकार की गरिमा, सुरक्षा और विश्वसनीयता से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है।
FIR क्यों नहीं हुई दर्ज?
विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री के दावों पर कई सीधे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "अगर मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि उनके और मंत्रियों के लिए जाल बिछाया गया था, तो राज्य में कानून-व्यवस्था कहां है?" आर. अशोक ने इस बात पर जोर दिया कि जब मुख्यमंत्री के पास इसमें शामिल लोगों के बारे में सबूत और जानकारी होने का दावा है, तो फिर अब तक कोई FIR क्यों दर्ज नहीं की गई।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री कहते हैं कि उनके पास रिकॉर्ड और तस्वीरें हैं और उन्हें पता है कि यह किसने किया। तो कोई एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई?" भाजपा नेता ने कहा कि यदि शिवकुमार के पास दोषियों के रिकॉर्ड और तस्वीरें हैं, तो कानूनी कार्रवाई बहुत पहले शुरू हो जानी चाहिए थी।
सरकार से पारदर्शिता की मांग
आर. अशोक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे बिना कार्रवाई के सिर्फ आरोप लगाना बंद करें और सारे तथ्य जनता के सामने रखें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के खुफिया तंत्र के प्रमुख होते हैं, और इस तरह कानूनी कार्यवाही शुरू किए बिना जानकारी को अपने पास रखना गंभीर सवाल खड़े करता है।
विपक्षी नेता ने यह भी जानना चाहा कि इन कोशिशों के लिए जिम्मेदार लोग किस दल से जुड़े थे— कांग्रेस, भाजपा, जेडीएस या कोई और समूह। उन्होंने सरकार से विवरण का खुलासा करने की मांग की। अशोक ने तर्क दिया, "चूंकि मुख्यमंत्री ने कहा है कि सबूत उनके पास हैं, इसलिए उन्हें खुद शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जांच होनी चाहिए। जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"
प्रशासन का ध्यान भटकाने का आरोप
आर. अशोक ने इस मुद्दे को 'उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत' की बहस का रूप देने की किसी भी कोशिश को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सूखे, आर्थिक चुनौतियों और कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है और ऐसे दावों से पैदा हुई उलझन प्रशासन का ध्यान भटकाती है।
अंत में, उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधी अपील करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री जी, हवा में बातें करना बंद कीजिए। आपने कहा है कि आपके पास सबूत हैं। उन्हें सार्वजनिक कीजिए। आपने कहा है कि आप जानते हैं कि यह किसने किया है। उनके नाम बताइए। शिकायत दर्ज कराइए, एफआईआर लिखवाइए और जांच करवाइए।"
इनपुट: IANS



