स्टिंग ऑपरेशन विवाद: कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया से पूछा—'यह सब देखकर आपका खून नहीं खौलता?'
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को बेंगलुरु में एक कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर कर्नाटक सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से तीखे सवाल किए। समाचार एजेंसी…
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को बेंगलुरु में एक कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर कर्नाटक सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से तीखे सवाल किए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कुमारस्वामी ने जेडी(एस) कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस महानिदेशक कार्यालय तक एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया और इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मार्च के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि पार्टी के विधायकों और पूर्व विधायकों ने राज्य के घटनाक्रमों की ओर ध्यान खींचने के लिए इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर "आंखें मूंद ली हैं"। पुलिस प्रमुख एम.ए. सलीम को सौंपे गए ज्ञापन में विवाद से जुड़ी घटनाओं का विस्तृत ब्योरा दिया गया है।
सिद्धारमैया पर सीधा निशाना
कुमारस्वामी ने इस मामले पर कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन का मकसद कथित तौर पर सिद्धारमैया की छवि खराब करना था, हालांकि वह खुद वीडियो में मौजूद नहीं थे। वीडियो में दो-तीन लोगों के बीच की बातचीत दर्ज है।
कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया को सीधे संबोधित करते हुए पूछा, "वीडियो में महिला से पूछा जा रहा है कि उसने सिद्धारमैया के साथ कितने घंटे बिताए। क्या इसे देखकर सिद्धारमैया का खून नहीं खौल रहा?" उन्होंने आगे कहा, "यह मुद्दा केवल एक व्यक्ति से संबंधित नहीं है।"
प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
शनिवार को इस विरोध प्रदर्शन के कारण काफी नाटकीय स्थिति पैदा हो गई। सैकड़ों जेडी(एस) कार्यकर्ताओं ने पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तक पदयात्रा की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्यालय के प्रवेश द्वार पर बैरिकेड लगाने पड़े। जब प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया तो वे एक कोने में जमा हो गए और 'हमें न्याय चाहिए' के नारे लगाते रहे।
वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल
कुमारस्वामी ने वीडियो के उद्देश्य और उसे रिकॉर्ड किए जाने की परिस्थितियों की जांच की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया, "वीडियो में दिख रहा मीडियाकर्मी दावा करता है कि उसने स्टिंग ऑपरेशन किया था। लेकिन यह वीडियो सिद्धारमैया के नाम से क्यों बनाया गया?"
इनपुट: IANS



