किश्तवाड़: सर्विस राइफल समेत SPO लापता, खराब मौसम में फिसलने की आशंका, बड़े पैमाने पर तलाशी जारी
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) अपनी सरकारी राइफल के साथ रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 55 वर्षीय बशीर अहमद को…
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) अपनी सरकारी राइफल के साथ रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 55 वर्षीय बशीर अहमद को खोजने के लिए सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी कि अहमद बुधवार सुबह त्रिघम पुलिस पिकेट पर अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद वनिपोरा त्रिघम स्थित अपने घर के लिए निकले थे, लेकिन वहां नहीं पहुंचे। जब वे घर नहीं आए, तो उनके परिवार ने अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई।
तलाशी अभियान और जांच
लापता एसपीओ का पता लगाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की कई टीमें आसपास के जंगलों, आने-जाने के रास्तों और स्थानीय गांवों में सघन तलाशी ले रही हैं। जांचकर्ता इस मामले से जुड़े हर संभावित पहलू पर गौर कर रहे हैं।
शुरुआती रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि जिस समय बशीर अहमद लापता हुए, उस वक्त इलाके में भारी बारिश हो रही थी और मौसम बेहद खराब था। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि संभव है कि वह किसी खड़ी पहाड़ी से गलती से फिसल गए हों। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक संभावना है और उनके लापता होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
कौन होते हैं SPO?
जम्मू-कश्मीर पुलिस में लगभग 32,000 विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) कार्यरत हैं, जिन्हें कानून-व्यवस्था और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में नियमित पुलिस बलों की सहायता के लिए नियुक्त किया जाता है। इनकी नियुक्ति 'जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिनियम, 1983' के तहत होती है।
राज्य में कांस्टेबल की सीधी भर्ती में योग्य एसपीओ के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि एसपीओ नियमित सिविल पदों पर नहीं होते हैं और उन्हें अनुच्छेद 311 के तहत मिलने वाला संवैधानिक संरक्षण प्राप्त नहीं होता।
इनपुट: IANS



