AI में भारी निवेश Meta को पड़ सकता है महंगा, S&P ने कंपनी के क्रेडिट आउटलुक को 'निगेटिव' किया
फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर किया जा रहा भारी खर्च चिंता का सबब बन गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने मेटा…
फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर किया जा रहा भारी खर्च चिंता का सबब बन गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने मेटा प्लेटफॉर्म्स के क्रेडिट आउटलुक को 'स्थिर' से घटाकर 'निगेटिव' कर दिया है। एजेंसी का मानना है कि AI पर बढ़ते खर्च के कारण कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव आ रहा है, जिससे भविष्य में उसकी वित्तीय साख पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, S&P ने मेटा की 'AA-' क्रेडिट रेटिंग को बरकरार रखा है, जो कि चौथी सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट-ग्रेड रेटिंग है। 'निगेटिव' आउटलुक का मतलब है कि अगले दो सालों में रेटिंग घटने की आशंका है, लेकिन यह तत्काल किसी कटौती का संकेत नहीं है। अगर रेटिंग एक पायदान नीचे भी जाती है, तब भी कंपनी मजबूती से इन्वेस्टमेंट-ग्रेड श्रेणी में बनी रहेगी।
खर्च और कमाई का गणित
रेटिंग एजेंसी ने अपने बयान में कहा है कि मेटा की अपने AI निवेश से कमाई करने की क्षमता प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अधिक सीमित दिखती है। एजेंसी को इस बात पर भी अनिश्चितता है कि कंपनी का भारी-भरकम पूंजीगत खर्च कब तक जारी रहेगा और कब तक उसका फ्री ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव बना रहेगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस निवेश से होने वाली कमाई, बढ़ती लागत से ज़्यादा कब होगी।
S&P का अनुमान है कि मेटा का पूंजीगत खर्च इस साल 140 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है और 2027 तक यह बढ़कर 225 अरब डॉलर से भी ज़्यादा हो जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी का कर्ज और कमाई का अनुपात (लेवरेज) भी 2027 में 1.0 गुना से ऊपर जाने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह सिर्फ 0.1 गुना के करीब था।
निवेशकों की नज़र और कंपनी की योजना
अक्टूबर की शुरुआत में मेटा ने बताया था कि उसने भविष्य में 800 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें से लगभग आधा हिस्सा डेटा सेंटर और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ऐसी लीज का है, जो अभी शुरू भी नहीं हुई हैं। इस भारी निवेश पर निवेशकों की भी पैनी नज़र है, जो यह देखना चाहते हैं कि मेटा और अन्य टेक कंपनियां AI में लगाए गए पैसे से ठोस रिटर्न कब कमाएंगी।
कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और अन्य अधिकारियों ने बताया है कि वे हाल ही में जारी म्यूज मॉडल और पर्सनल AI एजेंट से कमाई की योजना बना रहे हैं। इसके लिए सब्सक्रिप्शन, ट्रांजैक्शन फीस और विज्ञापन जैसे रेवेन्यू मॉडल पर विचार किया जा रहा है, जो पहले से ही कंपनी के ऐप्स के जरिए राजस्व का बड़ा स्रोत हैं।
इनपुट: IANS



