जम्मू-कश्मीर: नेशनल कॉन्फ्रेंस में बगावत की अटकलों पर विराम, फारूक-उमर ने असंतुष्ट विधायकों को मनाया
जम्मू-कश्मीर की सियासत में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर बगावत की सुगबुगाहट पर फिलहाल विराम लग गया है। पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को नाराज चल…
जम्मू-कश्मीर की सियासत में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर बगावत की सुगबुगाहट पर फिलहाल विराम लग गया है। पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को नाराज चल रहे विधायकों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं और उन्हें दूर करने का आश्वासन दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक के बाद विधायकों ने पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद या अलग गुट बनाने की खबरों को निराधार बताया।
यह बैठक श्रीनगर में अब्दुल्ला परिवार के गुपकार स्थित आवास पर हुई। बैठक के बाद असंतुष्ट विधायक, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के साथ मीडिया के सामने आए। दोनों वरिष्ठ नेता बैठक के नतीजों से सहज और संतुष्ट दिखाई दिए।
विधायकों ने शिकायतों को बताया 'जायज'
गुरेज से विधायक नजीर अहमद गुरेजी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कोई असामान्य बैठक नहीं थी, बल्कि नियमित राजनीतिक चर्चा का हिस्सा थी। उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हमेशा अपने अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब और उमर साहब से मिलते रहते हैं।"
गुरेजी ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें उनकी बैठकों को असंतोष या पार्टी से अलग होने की कोशिश के रूप में पेश किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी समस्याओं को सुना है और कुछ मुद्दों को तत्काल हल करने पर सहमति बनी है, जबकि बाकी का समाधान एक तय समयसीमा के भीतर किया जाएगा। बैठक में पूर्व मंत्री मुबारक गुल, अब्दुल मजीद लरमी, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हसनैन मसूदी और पीरजादा फारूक शाह समेत कई अन्य विधायक मौजूद थे।
पार्टी तोड़ने की कोशिशें नाकाम रहेंगी: फारूक अब्दुल्ला
पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने इस मौके पर कहा कि विधायकों ने कुछ जायज मुद्दे उठाए हैं, जिनका समाधान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया, "पार्टी एकजुट है और आगे भी एकजुट रहेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में भी नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोशिशें हुई हैं, लेकिन वे नाकाम रहीं और भविष्य में भी ऐसी कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। इस बैठक के बाद पार्टी में किसी भी तरह के विभाजन की अटकलें शांत होती दिख रही हैं।
इनपुट: IANS



