हमले के बीच 'हनुमान चालीसा' का जाप करते रहे फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित, प्रधानमंत्री मोदी को बताई पूरी बात
फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 में अपने सह-पायलट के हमले का सामना करते हुए यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि उस मुश्किल घड़ी में वे लगातार…
फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 में अपने सह-पायलट के हमले का सामना करते हुए यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि उस मुश्किल घड़ी में वे लगातार 'हनुमान चालीसा' का जाप कर रहे थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को एक वीडियो कॉल पर हुई बातचीत में पायलट ने प्रधानमंत्री को यह जानकारी दी।
कैप्टन मच्छार के परिवार ने शनिवार को उनकी बहादुरी को सराहा और कहा कि यह घटना आकांक्षी पायलटों के लिए एक प्रेरणा का काम करेगी। उनके चाचा किशोरभाई मच्छार ने बताया कि हालांकि उनकी भतीजे से सीधी बात नहीं हुई है, लेकिन उन्हें स्मित के पिता से पता चला है कि अब उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा, "अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मैं दुबई में उसके घर जाकर उससे मिलूंगा। हम बस चाहते हैं कि वह घर आ जाए, फिर हम एक बड़ा जश्न मनाएंगे।"
परिवार के लिए गर्व और भावना का क्षण
कैप्टन स्मित की चाची सोनल मच्छार ने बताया कि बचपन से ही उनके घर में बच्चों को सुलाते समय 'हनुमान चालीसा' सुनाने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा, "हमारे मंदिर में हनुमान चालीसा भी रखी हुई है। इसी तरह सभी बच्चे बड़े हुए हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि स्मित से परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस में शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने अपने चचेरे भाई के साथ एविएशन में जाने का फैसला किया।
उनकी चचेरी बहन और फ्लाईबाय एविएशन एकेडमी की सेंटर हेड पूजा गनात्रा ने इसे दुनिया के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से यह पूरी दुनिया के लिए गर्व का क्षण है, लेकिन एक परिवार के रूप में यह हमारे लिए बहुत ही भावुक क्षण है।" उन्होंने बताया कि परिवार को इस घटना की जानकारी तब मिली जब फ्लाई दुबई में ही काम करने वाले उनके भाई को स्मित के घायल होने की सूचना मिली।
"यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता"
कैप्टन के चाचा किशोरभाई मच्छार ने इस घटना से मिले संदेश पर जोर देते हुए कहा, "इस घटना ने दुनिया को एक संदेश दिया है। विमानन केवल एक चकाचौंध की दुनिया नहीं है। सबसे पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। स्मित का साहसिक कार्य आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा के रूप में काम करेगा।" परिवार ने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे मुलाकात कर स्मित के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
इनपुट: IANS



