जेम ग्रेनाइट्स संस्थापक वीरमणि यौन शोषण मामला: SIT अगले 10 दिनों में दाखिल कर सकती है चार्जशीट
नाबालिगों के यौन शोषण के आरोपों में घिरे जेम ग्रेनाइट्स के 84 वर्षीय संस्थापक आर. वीरमणि के खिलाफ जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) जल्द ही अपनी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। समाचार एजेंसी…
नाबालिगों के यौन शोषण के आरोपों में घिरे जेम ग्रेनाइट्स के 84 वर्षीय संस्थापक आर. वीरमणि के खिलाफ जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) जल्द ही अपनी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने बताया है कि यह चार्जशीट अगले 10 दिनों के भीतर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश की जा सकती है।
यह कार्रवाई 29 अगस्त को वीरमणि की गिरफ्तारी के लगभग एक महीने बाद हो रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि जांच टीम इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही है।
जांच का घटनाक्रम और गिरफ्तारियां
इस मामले की शुरुआत 7 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के वॉलंटियर ने ग्रेटर चेन्नई पुलिस को एक पेन ड्राइव सौंपी थी। इस पेन ड्राइव में एक वीडियो था, जिसमें वीरमणि को कथित तौर पर एक नाबालिग का यौन शोषण करते हुए दिखाया गया था। हालांकि, फरवरी में पुलिस ने वीडियो में दिख रही लड़की की पहचान में मुश्किलों का हवाला देते हुए केस बंद करने की कोशिश की, जिसे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने खारिज कर दिया और आगे जांच का आदेश दिया।
अदालत के आदेश के बाद, 29 अगस्त को सेंट्रल क्राइम ब्रांच के एंटी-वाइस स्क्वाड ने वीरमणि, 60 वर्षीय एम. शांति और उनके 63 वर्षीय पति महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार कर लिया। बाद में, वीरमणि के 45 वर्षीय पूर्व कर्मचारी गणेशन को भी वीडियो रखने और इसकी सूचना न देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
नए मामले और महिला SIT
इस बीच, एसआईटी वीरमणि के खिलाफ मिली नई शिकायतों की भी जांच कर रही है, जिनमें उन पर अन्य नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को एक नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर एक और पॉक्सो मामला दर्ज किया गया है, जिसकी चार्जशीट अलग से दाखिल की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल ने 24 सितंबर को एक विशेष जांच दल का गठन किया था, जिसकी सभी सदस्य महिलाएं हैं। यह SIT मूल मामले के साथ-साथ इससे जुड़ी अन्य शिकायतों की भी जांच कर रही है। आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इनपुट: IANS



