विजयवाड़ा हिरासत में मौत: पूर्व SHO समेत 7 पुलिसकर्मियों पर SIT ने दायर किया आरोपपत्र
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 25 वर्षीय गडे साई कृष्णा की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 25 वर्षीय गडे साई कृष्णा की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, SIT ने सोमवार को एक स्थानीय अदालत में तत्कालीन कृष्णालंका पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर (SHO) समेत सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
आरोपपत्र में जांच दल ने साई कृष्णा की गिरफ्तारी, हिरासत के दौरान दी गई शारीरिक प्रताड़ना, जिससे उनकी मौत हुई, और फिर सबूत मिटाने के लिए शव का अंतिम संस्कार किए जाने से जुड़े सबूत पेश किए हैं। यह मामला तब सामने आया जब साई कृष्णा के परिवार ने आरोप लगाया कि 6 मई को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उसे लॉकअप में पीट-पीटकर मार डाला गया और शव को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगा दिया गया।
मुख्य आरोपी और दर्ज मामले
इस मामले में मुख्य आरोपी तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर एसएसवीवी. नागराजू हैं। उनके अलावा छह अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें हेड कांस्टेबल अशोक कुमार और नानी, कांस्टेबल बाबू राव और सांबैया, होम गार्ड वेंकट और नागराजू के सहयोगी गुलिविंदला सुरेश शामिल हैं।
मृतक साई कृष्णा की मां विजया लक्ष्मी की शिकायत पर 19 जून को मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को हिरासत में यातना देकर मार डाला गया। जब उन्होंने उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, तब राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) एम. रवि प्रकाश के नेतृत्व में एक SIT का गठन किया था। SIT ने 21 जून को निलंबित SHO नागराजू को गिरफ्तार कर लिया था।
जांच के प्रमुख निष्कर्ष
जांच के अनुसार, साई कृष्णा को 5 मई, 2026 को दो गैर-जमानती वारंट के सिलसिले में मार्कपुरम से हिरासत में लिया गया और अगले दिन कृष्णालंका पुलिस को सौंप दिया गया।
एक आरोपी सुरेश ने SIT के सामने कबूल किया कि उसने साई कृष्णा को पुलिस स्टेशन में और बाद में रानीगरी थोता के एक निजी मकान में देखा था, जहाँ 12 मई को उसकी मौत हो गई। सुरेश ने यह भी बताया कि मौत के बाद नागराजू, अशोक कुमार और नानी ने सबूत मिटाने के इरादे से शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। सुरेश के अदालत में आत्मसमर्पण करने के चार दिन बाद यह आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
इनपुट: IANS



