गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मामला गरमाया, सीएम शिवकुमार बोले- 'मेरे पास पूरे रिकॉर्ड हैं'

कर्नाटक में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया…

कर्नाटक: वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मामला गरमाया, सीएम शिवकुमार बोले- 'मेरे पास पूरे रिकॉर्ड हैं'
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं और वह इसे कांग्रेस आलाकमान के सामने रखकर विस्तृत जांच कराएंगे। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, शिवकुमार ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा के कुछ नेता फर्जी तरीके से आवेदन दाखिल कर मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की साजिश में शामिल थे।

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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी मुकाबले में लोगों का समर्थन हासिल करने के बजाय चुनाव आयोग और चुनावी तंत्र का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "भाजपा को चुनाव लड़कर जनता का दिल जीतना चाहिए, न कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करना चाहिए।"

जांच का विरोध क्यों: सीएम का सवाल

डीके शिवकुमार ने भाजपा नेताओं द्वारा इस मामले की जांच का विरोध किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "उन्हें डर है कि उनके नाम सामने आ जाएंगे और इसलिए वे कह रहे हैं कि किसी जांच की जरूरत नहीं है। मैं इस मामले की जांच कराऊंगा।" उन्होंने दावा किया कि हाल ही में राज्यपाल से मिलने वाले भाजपा नेताओं में से कुछ का भी इस कथित गड़बड़ी से सीधा संबंध है। मुख्यमंत्री ने कुछ कथित फर्जी फॉर्म-7 आवेदन दिखाते हुए दावा किया कि उनके पास ऐसे आवेदनों की "पूरी बोरी" है, जिन्हें कथित तौर पर भाजपा मुख्यालय में छपवाया गया था।

क्या है पूरा मामला?

शिवकुमार के अनुसार, कर्नाटक में एक लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुख्यालय में ये फॉर्म छापे गए और स्थानीय नेताओं को अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के नाम-पते वाले फॉर्म दिए गए। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानीय नेताओं ने आवेदन जमा करते समय अपने पहचान पत्र और फोन नंबर तक का इस्तेमाल किया। सीएम ने कहा कि जैसे ही सरकार को इसकी भनक लगी और शिकायत दर्ज हुई, भाजपा नेताओं ने बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) से संपर्क कर कुछ फॉर्म वापस ले लिए।

सरकार का कर्तव्य है वोट की रक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का यह कर्तव्य है कि वह हर नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा करे, चाहे वह किसी भी पार्टी का समर्थक हो। उन्होंने कहा, "अगर किसी भाजपा समर्थक का नाम भी गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाया जाता है तो सरकार उसके वोट की भी रक्षा करेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने बेघर और वंचित लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं और अधिकारियों को जानकारी सुधारने के लिए एक महीने का समय देने का निर्देश दिया गया है। शिवकुमार ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए इस मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस का नहीं, बल्कि पूरे देश का मामला है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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