आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव: नामांकन तिथि विवाद पर YSRCP की याचिका सुप्रीम कोर्ट में, बुधवार को होगी सुनवाई
आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन की तारीख बढ़ाने से जुड़े एक विवाद पर अब देश की सर्वोच्च अदालत सुनवाई करेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने…
आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन की तारीख बढ़ाने से जुड़े एक विवाद पर अब देश की सर्वोच्च अदालत सुनवाई करेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होनी है।
मामला नामांकन प्रक्रिया के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों द्वारा कथित तौर पर हिंसा करने और बाधा डालने के आरोपों से जुड़ा है। YSRCP ने अपनी याचिका में कहा है कि इन गड़बड़ियों के कारण उसके कई उम्मीदवार पर्चा दाखिल नहीं कर सके, इसलिए नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी चाहिए थी।
क्या हैं YSRCP के आरोप?
पार्टी का आरोप है कि नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन, 16 अक्टूबर को, पुंगनूर, रायचोटी, कडप्पा और तिरुपति जैसे कई इलाकों में उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। याचिका में दावा किया गया है कि कडप्पा में पार्टी के एक उम्मीदवार के नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिए गए। वहीं, तिरुपति में कई उम्मीदवारों को रिटर्निंग अधिकारियों के दफ्तर में घुसने तक नहीं दिया गया। YSRCP ने यह भी आरोप लगाया है कि नामांकन के लिए जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और सांसद पी.वी. मिथुन रेड्डी पर हमला किया गया।
उच्च न्यायालय ने क्यों खारिज की थी याचिका?
सुप्रीम कोर्ट से पहले, YSRCP ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सुरक्षित और निष्पक्ष नामांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की थी। 15 अक्टूबर को एक एकल न्यायाधीश ने पार्टी को व्यापक राहत देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, उन्होंने धमकी का सामना कर रहे व्यक्तिगत उम्मीदवारों को वैकल्पिक स्थानों पर पर्चा भरने के लिए संबंधित चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने की अनुमति दी थी।
इसके बाद YSRCP ने एक खंडपीठ के समक्ष अपील दायर कर नामांकन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की। लेकिन 18 अक्टूबर को उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि नामांकन की समय सीमा समाप्त हो चुकी है और इस स्तर पर कोई भी निर्देश देना चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने जैसा होगा। इसी फैसले को पार्टी ने अब संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत विशेष अनुमति याचिका (SLP) के जरिए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का विवरण
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित सूची के मुताबिक, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ बुधवार को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी।
इनपुट: IANS



