पंजाब निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला के 2 और वार्डों में दोबारा मतदान का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में नगर निकाय चुनावों से जुड़े एक मामले में अपना पिछला आदेश संशोधित करते हुए पटियाला नगर निगम के दो और वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया है। समाचार एजेंसी IANS…
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में नगर निकाय चुनावों से जुड़े एक मामले में अपना पिछला आदेश संशोधित करते हुए पटियाला नगर निगम के दो और वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को पारित किया, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची भी शामिल थे।
पीठ ने 28 सितंबर के अपने पुराने आदेश में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया कि पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 को भी उन वार्डों की सूची में शामिल किया जाए जहां दोबारा चुनाव होंगे। अदालत ने अपने आदेश में कहा, "परिणामस्वरूप, पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे।"
जांच आयोग की रिपोर्ट बनी आधार
यह पूरा मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस निर्मलजीत कौर के नेतृत्व वाले जांच आयोग की रिपोर्ट पर आधारित है। आयोग को निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई धांधली के आरोपों की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। आरोपों में नामांकन पत्र छीनने, फाड़ने, उम्मीदवारों से मारपीट और उन्हें धमकाने जैसी गंभीर घटनाएं शामिल थीं।
आयोग की रिपोर्ट में पाया गया था कि पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और 58 में फर्जी मतदान और मतदाताओं को डराने-धमकाने के पुख्ता सबूत मिले थे, जो चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते थे। इन्हीं निष्कर्षों को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इन दो वार्डों में भी दोबारा चुनाव का आदेश दिया है।
धर्मकोट नगर परिषद की याचिका खारिज
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग वाली एक अलग याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने स्पष्ट किया कि दोबारा चुनाव के निर्देश पूरी तरह से जस्टिस निर्मलजीत कौर की रिपोर्ट की स्वीकृति पर आधारित हैं। पीठ ने कहा, "हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ये वार्ड जस्टिस निर्मलजीत कौर की रिपोर्ट में शामिल नहीं हैं।"
पृष्ठभूमि और पिछला आदेश
इससे पहले 28 सितंबर को, सुप्रीम कोर्ट ने जांच आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह मानते हुए पंजाब के 50 नगर निकाय वार्डों में दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया था। इनमें पटियाला जिले के 28 और मोगा जिले के 22 वार्ड शामिल थे। अदालत ने यह भी आदेश दिया था कि पूरी चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी हो, जिसकी निगरानी हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति करे। इस प्रक्रिया को छह सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया था।
इनपुट: IANS



