केरल: सरकारी दफ्तरों की 2.76 लाख लंबित फाइलें 31 दिसंबर तक निपटेंगी, बुजुर्गों के लिए भी आएगा नया कानून
केरल में सरकारी कामकाज में तेजी लाने और नागरिकों की समस्याओं के जल्द समाधान के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने घोषणा की है कि विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अटकी…
केरल में सरकारी कामकाज में तेजी लाने और नागरिकों की समस्याओं के जल्द समाधान के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने घोषणा की है कि विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अटकी पड़ीं 2.76 लाख ई-फाइलों को निपटाने के लिए एक समयबद्ध मिशन चलाया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अभियान 15 अक्टूबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगा।
इस मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल, दोनों तरह की फाइलों का निपटारा किया जाएगा, जिन पर लंबे समय से कार्रवाई का इंतजार है। सरकार की योजना फाइलों की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष डैशबोर्ड विकसित करने की भी है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एक क्लिक पर किसी भी फाइल की मौजूदा स्थिति की जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा, भविष्य में फाइलें बिना वजह लंबित न रहें, इसके लिए भी उपाय तलाशे जा रहे हैं।
बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष विधेयक
राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी एक अहम कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 अक्टूबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस संबंध में एक विधेयक पेश किया जाएगा। इस प्रस्तावित कानून के तहत बुजुर्गों के लिए एक अलग विभाग बनाने का भी प्रावधान है।
योजना के मुताबिक, सरकार पहले एक सर्वेक्षण कर बुजुर्गों की जरूरतों और उनकी परिस्थितियों का आकलन करेगी ताकि उन्हें उचित देखभाल और सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री सतीशन ने इस पहल को वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का पहला बताते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी में सरकार के साथ-साथ स्थानीय निकाय, स्वयंसेवक और अन्य समूह भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कई अन्य राज्यों ने भी इस प्रस्तावित कानून में रुचि दिखाई है।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं और प्रतिक्रियाएं
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम ने बताया कि राज्य सरकार के पहले 100-दिवसीय कार्यक्रम में घोषित 588 परियोजनाओं में से 568 पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, "बाकी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा होने की सूचना है।"
वहीं, सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के हाईकोर्ट के निर्देश पर सीएम वीडी सतीशन ने कहा कि सरकार ने कानूनी जांच के बाद ही कार्रवाई की है और जल्दबाजी के बजाय प्रारंभिक जांच का विकल्प चुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून अपना काम करेगा।
इनपुट: IANS



