केरल: यूडीएफ सरकार ने शुरुआती 120 दिनों में शासन को जन-केंद्रित बनाने की दिशा में उठाए कदम
केरल में एक दशक के LDF शासन के बाद सत्ता में आई कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार अपने कार्यकाल के पहले 120 दिनों के कामकाज का खाका पेश कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री वीडी…
केरल में एक दशक के LDF शासन के बाद सत्ता में आई कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार अपने कार्यकाल के पहले 120 दिनों के कामकाज का खाका पेश कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की अगुवाई वाली सरकार ने 'जनता के साथ सरकार-केरल का रूपांतरण' अभियान के तहत 12 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है, जिनका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है। सरकार का लक्ष्य कल्याणकारी योजनाओं को सुचारू बनाने और सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने पर है।
राज्य सरकार ने 18 मई को पदभार ग्रहण करने के बाद से शासन में एक नई कार्यशैली स्थापित करने का प्रयास किया है। इसमें सबसे अधिक जोर उन मुद्दों पर है जो नागरिकों से सीधे तौर पर जुड़े हैं, जैसे कल्याणकारी पेंशन, स्वास्थ्य सेवा, किसानों का भुगतान, रोजगार और सार्वजनिक सेवाओं की त्वरित डिलीवरी।
लंबित भुगतानों पर विशेष ध्यान
लंबे समय से रुके हुए भुगतानों का निपटारा सरकार के एजेंडे में प्रमुख है। इस दिशा में धान किसानों के बकाये का भुगतान एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, पिछड़े वर्ग के छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति के लिए 310 करोड़ रुपए और स्वास्थ्य विभाग की पुरानी देनदारियों के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। सरकार ने प्रवासी श्रमिकों की कल्याणकारी पेंशन के बकाया भुगतान के लिए 32 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि भी स्वीकृत की है।
महिला कल्याण और स्वास्थ्य सेवा
सरकार ने महिला कल्याण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इन पहलों में KSRTC बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, ब्याज मुक्त ऋण, महिला मछली विक्रेताओं को सहायता और आशा कार्यकर्ताओं के लिए वेतन वृद्धि शामिल है। साथ ही, 25 लाख रुपए तक का कवरेज प्रदान करने वाली एक स्वास्थ्य बीमा योजना भी घोषित की गई है, जिसकी सफलता प्रभावी कार्यान्वयन और धन की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
आर्थिक विकास और अन्य सुधार
राज्य के निवेश माहौल को बेहतर बनाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में है। इसके लिए अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने, नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और विझिंजम बंदरगाह से जुड़ी समुद्री गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। युवाओं के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और बेहतर खेल सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने भूमि सेवाओं को सरल बनाने, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से निपटने तथा वन्यजीवों के हमलों के खतरे को कम करने के लिए भी उपाय किए हैं।
इनपुट: IANS



