अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ क्यूबा को रूस का खुला समर्थन, UN में भारत ने भी किया हवाना का पक्ष
रूस ने क्यूबा पर लगे अमेरिकी आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों के खिलाफ अपना कड़ा रुख दोहराया है। मॉस्को ने स्पष्ट किया है कि वह इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए हवाना को अपना समर्थन देना जारी…
रूस ने क्यूबा पर लगे अमेरिकी आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों के खिलाफ अपना कड़ा रुख दोहराया है। मॉस्को ने स्पष्ट किया है कि वह इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए हवाना को अपना समर्थन देना जारी रखेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में एक प्रस्ताव पारित होने के बाद आया है, जिसमें क्यूबा पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग की गई थी।
बुधवार को हुए इस मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 130 वोट पड़े, जबकि 17 देशों ने इसका विरोध किया। 25 देश मतदान से दूर रहे। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में बताया कि उसने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। मंत्रालय ने कहा कि वोट के नतीजे यह साबित करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने लगभग सर्वसम्मति से क्यूबा के खिलाफ इन 'अवैध और अमानवीय' प्रतिबंधों की निंदा की है।
प्रतिबंधों के गंभीर परिणाम की चेतावनी
रूसी मंत्रालय ने इस साल क्यूबा पर बढ़े आर्थिक और सैन्य दबाव पर चिंता जताई। बयान में कहा गया है कि एनर्जी ब्लॉकेड (ऊर्जा नाकाबंदी) ने आम नागरिकों को अस्तित्व के संकट के कगार पर ला खड़ा किया है। मॉस्को ने चेतावनी दी है कि यदि क्यूबा में सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह ढह जाती है, तो वहां से पड़ोसी देशों की ओर बड़े पैमाने पर पलायन हो सकता है, जिससे क्षेत्र में एक बड़ा प्रवासन संकट पैदा हो सकता है।
भारत ने भी किया प्रस्ताव का समर्थन
इस बीच, भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र में क्यूबा का समर्थन करते हुए उन कानूनों को एक बार फिर खारिज कर दिया जो दूसरे देशों की संप्रभुता पर नकारात्मक असर डालते हैं। भारत ने उस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जिसमें क्यूबा पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग की गई थी।
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन की काउंसलर सौम्या नायर ने कहा कि नई दिल्ली महासभा की उस अपील का समर्थन करती है, जिसमें सभी देशों से "ऐसे कानूनों और नियमों को खारिज करने" का आग्रह किया गया है "जिनका असर देश की सीमाओं के बाहर तक होता है और जो दूसरे देशों की संप्रभुता तथा वहां के लोगों की प्रगति और समृद्धि पर बुरा असर डालते हैं।"
क्यूबा की विदेश नीति की प्रशंसा
रूस ने भारी अमेरिकी दबाव के बावजूद अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखने के लिए क्यूबा की सरकार और वहां के लोगों के साहस की प्रशंसा की। मॉस्को ने अपने सैद्धांतिक रुख को दोहराते हुए कहा कि वह क्यूबा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि इस द्वीप देश पर लगे प्रतिबंधों को "जल्द से जल्द, पूरी तरह से और बिना किसी शर्त के" हटाया जा सके।
इनपुट: IANS



