शेख हसीना की संभावित वापसी से पहले बांग्लादेश में राजनीतिक हलचल, BNP ने बुलाई 40 से ज़्यादा दलों की बैठक
बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी की अटकलों के बीच, सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपने सहयोगी दलों के साथ एक…
बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी की अटकलों के बीच, सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपने सहयोगी दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की योजना बनाई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल का मकसद अवामी लीग विरोधी खेमे की एकता को बनाए रखना और बढ़ते राजनीतिक मतभेदों को दूर करना है।
यह राजनीतिक मंथन ऐसे समय में हो रहा है जब अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में अपने निर्वासन से देश लौटने की घोषणा की है। उनके खिलाफ मौत की सजा सहित कई कानूनी मामले लंबित हैं। BNP की यह कवायद हसीना की वापसी से उत्पन्न होने वाली राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है।
बैठक का एजेंडा और भागीदार
द बिजनेस स्टैंडर्ड के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में उन 40 से अधिक दलों को आमंत्रित किया जा सकता है, जिन्होंने मुहम्मद यूनुस की तत्कालीन अंतरिम सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन में हिस्सा लिया था। यह बैठक नवंबर के अंत या दिसंबर में हो सकती है। चर्चा के मुख्य बिंदुओं में BNP का 31 सूत्रीय सुधार एजेंडा, संवैधानिक बदलाव, जुलाई चार्टर का कार्यान्वयन और स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीति शामिल होने की उम्मीद है।
हालांकि, तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP ने जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन से जुड़े दलों को इस बातचीत में आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया है। दिलचस्प है कि हालिया आम चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाली जमात-ए-इस्लामी फिलहाल संसद में विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व कर रही है और अतीत में BNP और अवामी लीग, दोनों के साथ सत्ता में रह चुकी है। BNP का आरोप है कि अवामी लीग अब भी साजिशें कर रही है और जमात भी इसमें शामिल है।
शेख हसीना की वापसी और कानूनी चुनौतियां
दूसरी तरफ, कभी देश की सबसे प्रभावशाली पार्टी रही अवामी लीग को 2024 के आंदोलन के बाद चुनावों में भाग लेने से रोक दिया गया था। भारत में निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना ने कहा है कि वह अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बांग्लादेश लौटकर अदालत में आत्मसमर्पण करेंगी। उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि हसीना की वापसी बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला सकती है। इससे प्रतिबंधित अवामी लीग के भविष्य और सरकार की जवाबदेही पर नई बहस छिड़ सकती है। सरकार के एक प्रवक्ता ने उनके लिए प्रत्यर्पण और फांसी को एकमात्र रास्ता बताया है, जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह उन्हें लौटने से रोकने की एक रणनीति है।
इनपुट: IANS



