अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों का जमावड़ा, वैश्विक आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन पर होगी चर्चा
अमेरिकी शहर अटलांटा इस महीने के अंत में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी के लिए तैयार है। 30 और 31 अक्टूबर को होने वाली इस G20 बैठक का नेतृत्व…
अमेरिकी शहर अटलांटा इस महीने के अंत में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी के लिए तैयार है। 30 और 31 अक्टूबर को होने वाली इस G20 बैठक का नेतृत्व अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक दिसंबर में मियामी में होने वाले G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले आखिरी बड़ी मंत्रिस्तरीय सभा होगी, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को जानकारी दी कि इस दो दिवसीय बैठक का एजेंडा काफी व्यापक है, जिसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक संकटों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अमेरिका ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ सप्लाई चेन के सामने मौजूद खतरों जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में रखा है।
बैठक के प्रमुख एजेंडा बिंदु
अटलांटा को कूटनीति और व्यापार का एक अहम वैश्विक केंद्र बताते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बैठक का मकसद साझा आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों पर व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना है। विभाग के मुताबिक, वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इस बैठक में होने वाली चर्चाएं दिसंबर में होने वाले मुख्य G20 शिखर सम्मेलन के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेंगी। राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका समूह को उसके मूल आर्थिक उद्देश्य पर वापस केंद्रित करना चाहता है, जिसमें आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करना शामिल है।
भारत की भागीदारी और क्वाड की संभावना
हालांकि बैठक में शामिल होने वाले सभी मंत्रियों की अंतिम सूची अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के इसमें हिस्सा लेने की प्रबल संभावना है। इसी बैठक के मौके पर भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों के बीच एक 'क्वाड' बैठक भी आयोजित होने की उम्मीद है। ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों से वैश्विक ईंधन बाजार में बनी अनिश्चितता के बीच ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री स्वतंत्रता पर जोर देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, मजबूत सप्लाई चेन का मुद्दा भारत और अमेरिका के बीच सहयोग का एक प्रमुख विषय रहा है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका 2026 में G20 की अध्यक्षता कर रहा है और उसने सस्ती ऊर्जा तथा तकनीकी नवाचार को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। G20 समूह में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत ने 2023 में इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता की थी।
इनपुट: IANS



