पश्चिम बंगाल: अवैध खनन मामले में एक और सरकारी अधिकारी गिरफ्तार, फरार कारोबारी तुलु मंडल से जुड़े हैं तार
पश्चिम बंगाल में अवैध पत्थर खनन और आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बीरभूम पुलिस ने इस मामले में एक सेवानिवृत्त सरकारी…
पश्चिम बंगाल में अवैध पत्थर खनन और आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बीरभूम पुलिस ने इस मामले में एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी रबीउल इस्लाम को गिरफ्तार किया है। इस्लाम पर फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के साथ कथित संबंधों का आरोप है।
रबीउल इस्लाम, जो इसी साल सरकारी सेवा से रिटायर हुए हैं, कभी बीरभूम के उप जिला भूमि एवं भूमि सुधार विभाग में अधिकारी थे। बीरभूम उनका गृह जिला होने के साथ-साथ तुलु मंडल का मुख्य कार्यक्षेत्र भी रहा है। तुलु मंडल को बीरभूम के पूर्व तृणमूल जिला अध्यक्ष अनुब्रता मंडल का करीबी माना जाता है। पुलिस ने रविवार और सोमवार की दरमियानी रात छापेमारी कर रबीउल इस्लाम को पकड़ा, जो अब तक गिरफ्तारी से बच रहे थे। उन्हें सोमवार को सूरी की निचली अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस उनकी हिरासत की मांग करेगी।
मामले में अब तक की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस द्वारा 13 अक्टूबर को दायर आरोप पत्र में रबीउल इस्लाम समेत 12 लोगों के नाम शामिल थे। इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद अब तक 11 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि मुख्य आरोपी तुलु मंडल अभी भी फरार है। यह पहली बार नहीं है जब इस मामले में किसी नौकरशाह की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले 4 अक्टूबर को बीरभूम जिला पुलिस ने मोहम्मदबाजार ब्लॉक के तत्कालीन ब्लॉक भूमि राजस्व अधिकारी (एनएलआरओ) सब्यसाची मंडल को भी गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया।
अब तक 220 करोड़ की संपत्ति जब्त
जांच की शुरुआत से ही कई प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में रही है। बीरभूम पुलिस इस मामले में अब तक तुलु मंडल, उसके रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के पास से 220 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। यह संपत्ति नकदी और सोने के रूप में मिली थी। जांच अधिकारियों के सामने इन लोगों ने कबूल किया है कि यह संपत्ति असल में तुलु मंडल की थी, जिसे उन्होंने कारोबारी के दबाव में अपने घरों में छिपा रखा था।
इनपुट: IANS



