लॉस एंजिल्स की मेयर तो बनीं नित्या रमन, पर अब काउंसिल का भरोसा जीतना बड़ी चुनौती
लॉस एंजिल्स की नई मेयर चुनी गईं नित्या रमन के लिए जीत के बाद की राह आसान नहीं है। अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए उन्हें अब उसी सिटी काउंसिल का समर्थन हासिल करना होगा, जिसके लगभग सभी सदस्यों ने…
लॉस एंजिल्स की नई मेयर चुनी गईं नित्या रमन के लिए जीत के बाद की राह आसान नहीं है। अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए उन्हें अब उसी सिटी काउंसिल का समर्थन हासिल करना होगा, जिसके लगभग सभी सदस्यों ने चुनाव में उनकी प्रतिद्वंद्वी कैरेन बास का साथ दिया था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के बजट को मंजूरी देने से लेकर मेयर की नियुक्तियों पर मुहर लगाने तक, काउंसिल की भूमिका बेहद अहम होती है।
चुनाव अभियान के दौरान रमन को मेयर पद के लिए काउंसिल के 14 में से किसी भी सहयोगी का समर्थन नहीं मिला था। इनमें से 13 सदस्यों ने कैरेन बास का समर्थन किया था, यहाँ तक कि 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका' के उनके साथी सदस्य भी बास के पक्ष में थे। हालांकि, गुरुवार को बास के अपनी हार स्वीकार करने के बाद लगभग सभी काउंसिल सदस्यों ने रमन के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।
सहयोग और असहमति के सुर
काउंसिल की बजट समिति की अध्यक्ष केटी यारोस्लावस्की ने 'एलएइस्ट' को बताया, "असहमति होना तो स्वाभाविक है, लेकिन काम न कर पाना (या कामकाज ठप हो जाना) एक विकल्प है, और अभी हमारे पास ऐसी स्थिति में रहने की गुंजाइश नहीं है।" वहीं, बास का समर्थन करने वाले काउंसिल सदस्य ह्यूगो सोटो-मार्टिनेज ने कहा कि वह और रमन 'किफायती आवास' और 'किरायेदारों की सुरक्षा' जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने 'एलएइस्ट' से कहा, "ऐसे मौके आ सकते हैं जब हमारी राय अलग हो - जैसा कि इस मेयर चुनाव अभियान के दौरान हुआ - लेकिन ऐसी कई बातें हैं जिन पर हम सहमत हैं।"
रमन के प्रमुख चुनावी वादे
नित्या रमन ने शहर के सामने मौजूद कुछ बड़ी समस्याओं से निपटने का वादा किया है। उनके प्रमुख वादों में शामिल हैं:
- 2028 ओलंपिक से पहले टेंट और अस्थायी बस्तियों में रहने वालों की संख्या आधी करना।
- हर साल बनने वाले घरों की संख्या को तीन गुना करना।
- हॉलीवुड से रोजगार बढ़ाने के लिए शहर में एक विशेष फिल्म कार्यालय स्थापित करना।
गुरुवार को एक वीडियो संदेश में रमन ने उन नागरिकों को भी संबोधित किया जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था। 'एलएइस्ट' के अनुसार, उन्होंने कहा, "मैं हर दिन सिटी हॉल जाकर काम करूंगी ताकि आपका भरोसा जीत सकूं, और इस शहर में आपका भरोसा फिर से कायम कर सकूं।"
आर्थिक चुनौतियां और आगे की राह
रमन के एजेंडे को वित्तीय चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। बजट समिति की अध्यक्ष यारोस्लावस्की ने चेतावनी दी है कि नई मेयर को लॉस एंजिल्स के लिए एक मुश्किल बजट दौर से गुजरना होगा। हालांकि, खर्च के मामलों पर पहले भी दोनों के बीच सहमति दिख चुकी है। पिछले साल वे काउंसिल के एकमात्र ऐसे सदस्य थे जिन्होंने 2.6 बिलियन डॉलर के कन्वेंशन सेंटर विस्तार का वित्तीय जोखिमों का हवाला देते हुए विरोध किया था।
इस बीच, काउंसिल को चौथे जिले में रमन की खाली हुई सीट पर किसी को नियुक्त करने का भी फैसला लेना है। सिटी हॉल में रमन को सिटी कंट्रोलर केनेथ मेजिया का समर्थन प्राप्त है, जो एकमात्र ऐसे निर्वाचित अधिकारी थे जिन्होंने चुनाव में रमन का खुलकर साथ दिया था।
इनपुट: IANS



