CJI से मिलने की राहुल गांधी की कोशिश पर NDA का हमला, 'न्यायपालिका पर दबाव बनाने की बचकानी हरकत'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मिलने की योजना पर NDA के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मिलने की योजना पर NDA के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, NDA नेताओं ने इसे न्यायपालिका पर दबाव बनाने और अराजकता फैलाने की कोशिश करार दिया है। यह विवाद तब सामने आया जब CJI सूर्यकांत ने नेताओं से मिलने के अनुरोध को अस्वीकार करते हुए उन्हें अपनी बात रखने के लिए औपचारिक याचिका दायर करने का निर्देश दिया।
यह पूरा मामला 'एसआईआर विवाद' से जुड़ा है, जिसके विरोध में राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेता CJI को एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे। इसी योजना के तहत दिल्ली में प्रदर्शन भी हुए, जहाँ प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा अधिकारियों पर पत्थर फेंकने के आरोप लगे।
न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव का आरोप
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस घटनाक्रम को न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव बनाने की एक "बचकानी कोशिश" बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस पर पत्थर फेंकने वाली भीड़ और ज्ञापन सौंपने के लिए राहुल गांधी का मुख्य न्यायाधीश के दरवाजे तक जाना अस्वीकार्य है। सरावगी ने कहा, "देश का सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक रैलियों का मंच नहीं है। अगर आपमें हिम्मत है, तो कानूनी याचिका दायर करें। इसे सड़कों पर राजनीतिक तमाशा न बनाएं।"
सरावगी ने यह भी कहा कि मुख्य न्यायाधीश पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मामले की सुनवाई अदालत में हो सकती है और वहीं कानूनी दलीलें पेश की जानी चाहिए। उन्होंने बिना अनुमति के जंतर-मंतर को घेरने और बैरिकेड्स तोड़ने जैसी घटनाओं को "सस्ता तमाशा" कहा।
"यह एक दिन की प्रक्रिया नहीं है"
संजय सरावगी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाने को भी आपत्तिजनक बताया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, "यह एक दिन की प्रक्रिया नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें 120-150 दिन लगते हैं और इसमें 35 लाख से अधिक सरकारी और राजनीतिक पार्टी के लोग शामिल होते हैं।"
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
एक अन्य भाजपा नेता गुरु प्रकाश ने कहा कि एसआईआर की संवैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही सब कुछ कह चुका है। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार का उल्लेख करते हुए कहा, "मूल मुद्दा यह है, जहां पर भी चुनाव हो रहा है, कांग्रेस हार रही है। जहां बैलेट पेपर पर चुनाव हो रहा है, कांग्रेस हार रही है।"
वहीं, जदयू नेता राजीव रंजन ने इस घटना को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा, "यह भारत की आजादी के बाद के 78 वर्षों में पहली बार ऐसा होगा कि विपक्ष के नेता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय मांग रहे हैं। परंपरा के अनुसार, आप राष्ट्रपति के पास जाकर अपनी बातें कहते हैं लेकिन न्यायपालिका से सीधे तौर पर ऐसे मसलों में कभी समय नहीं मांगा गया।"
इनपुट: IANS



