चक्रवात 'अर्नब': आंध्र प्रदेश हाई अलर्ट पर, मुख्यमंत्री नायडू बोले - हर जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता
आंध्र प्रदेश में भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट पर है। बुधवार को तट से टकराने की आशंका वाले इस तूफान से निपटने की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री एन.…
आंध्र प्रदेश में भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट पर है। बुधवार को तट से टकराने की आशंका वाले इस तूफान से निपटने की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्पष्ट किया है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर एक नागरिक के जीवन की रक्षा करना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लिखा, "आंध्र प्रदेश चक्रवात 'अर्नब' का सामना करने की तैयारी कर रहा है, ऐसे में हर जीवन की रक्षा हमारी सर्वोपरि प्राथमिकता है।" उन्होंने बताया कि वे सुबह से चार बार स्थिति की समीक्षा कर चुके हैं और जिला कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं।
सरकार की तैयारी और राहत-बचाव इंतजाम
राज्य भर में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने की प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है ताकि बचाव दल, उपकरण और जरूरी सामान वहां तेजी से पहुंच सकें। राज्य में कुल 2,199 चक्रवात आश्रय स्थल चिन्हित किए गए हैं।
विभिन्न टीमों की तैनाती:
- आपदा मोचन बल (NDRF) की 12 टीमें
- राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 10 टीमें
- पुलिस, अग्निशमन सेवा और चिकित्सा दल
- सहायता के लिए नौसेना और तटरक्षक बल तैयार
इसके अलावा, बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए 8,400 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है और चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। भोजन, पीने के पानी, दवाओं और जनरेटर की भी व्यवस्था की जा रही है।
नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री की अपील
चंद्रबाबू नायडू ने निवासियों से कुछ खास सावधानियां बरतने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मछुआरे अगली आधिकारिक सूचना तक समुद्र में न जाएं। लोगों को निर्देश मिलते ही तुरंत निर्धारित आश्रय स्थलों पर चले जाना चाहिए। उन्होंने अनावश्यक यात्रा, समुद्र तटों और नदी किनारों पर जाने से बचने की भी सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा, "जब तक अधिकारी खतरे के टल जाने की पुष्टि न कर दें, तब तक सुरक्षित आश्रय में ही रहें।" उन्होंने अफवाहें न फैलाने और आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री नायडू के साथ-साथ रियल टाइम गवर्नेंस मंत्री नारा लोकेश और गृह मंत्री वंगलपुडी अनीता भी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) चौबीसों घंटे राज्य भर की स्थिति पर नजर रख रही है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बना रही है।
इनपुट: IANS



