बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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NSE के एक फैसले से Polycab India के शेयर में भारी गिरावट, जानें वायदा कारोबार से क्यों बाहर हुई कंपनी

तार और केबल बनाने वाली कंपनी पॉलीकैब इंडिया के शेयरों में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर लगभग 5.02% लुढ़ककर…

NSE के एक फैसले से Polycab India के शेयर में भारी गिरावट, जानें वायदा कारोबार से क्यों बाहर हुई कंपनी
(फोटो: IANS)

तार और केबल बनाने वाली कंपनी पॉलीकैब इंडिया के शेयरों में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर लगभग 5.02% लुढ़ककर 7,845 रुपये पर आ गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ सुधार देखा गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट की मुख्य वजह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का एक अहम फैसला है, जिसमें कंपनी के शेयर को वायदा एवं विकल्प (Futures and Options - F&O) सेगमेंट से बाहर करने की घोषणा की गई है।

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मंगलवार को भी पॉलीकैब के शेयर में बिकवाली का दबाव बना रहा था और यह 5% तक गिर गया था। यह गिरावट एक्सचेंज की उस घोषणा के ठीक बाद आई जिसमें बताया गया था कि 30 दिसंबर से इस शेयर के लिए वायदा कारोबार में कोई नया कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध नहीं होगा।

F&O सेगमेंट में क्या बदलाव होंगे?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के बाद पॉलीकैब के लिए नए एक्सपायरी महीनों के कॉन्ट्रैक्ट जारी नहीं किए जाएंगे। हालांकि, निवेशकों को राहत देते हुए एक्सचेंज ने यह भी कहा कि अक्टूबर 2026, नवंबर 2026 और दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाले मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट अपनी तय तारीखों तक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इन मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट महीनों में नई स्ट्राइक भी पेश की जाती रहेंगी।

1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए नियम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर 2026 में सभी मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स के समाप्त हो जाने के बाद, 1 जनवरी 2027 से पॉलीकैब इंडिया पर अतिरिक्त निगरानी उपाय लागू किए जाएंगे। इनमें इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) फ्रेमवर्क के तहत प्राइस बैंड और ग्रॉस सेटलमेंट जैसे नियम शामिल होंगे। यह कदम एक्सचेंज द्वारा 7 अगस्त और 9 अक्टूबर, 2026 को जारी किए गए सर्कुलर के अनुरूप उठाया गया है।

कंपनी से जुड़ा एक और मामला

इससे पहले पॉलीकैब इंडिया ने जानकारी दी थी कि नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने उसके पक्ष में एक फैसला सुनाया है। NCLAT ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), अहमदाबाद बेंच के 7 अक्टूबर, 2026 के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें एसियर मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2.79 करोड़ रुपये के कथित बकाये के लिए पॉलीकैब के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही शुरू करने को मंजूरी दी गई थी।

इनपुट: IANS

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