केरल: मुख्यमंत्री पर टिप्पणी मामले में पत्रकार एंटो ऑगस्टीन से होगी पूछताछ, अग्रिम ज़मानत पर फैसला बाकी
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और विवाह संबंधी दावे करने के मामले में पत्रकार एंटो ऑगस्टीन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। कलामसेरी पुलिस ने रिपोर्टर टीवी के…
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और विवाह संबंधी दावे करने के मामले में पत्रकार एंटो ऑगस्टीन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। कलामसेरी पुलिस ने रिपोर्टर टीवी के मैनेजिंग एडिटर एंटो ऑगस्टीन और उनके एक सहयोगी पत्रकार को सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह समन ऐसे समय में आया है जब ऑगस्टीन की अग्रिम ज़मानत याचिका पर अदालत शनिवार को अपना फैसला सुनाने वाली है।
यह पूरा मामला करीब तीन हफ्ते पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऑगस्टीन द्वारा की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जुड़े कुछ गंभीर आरोप लगाए थे और एक विवाह से संबंधित दस्तावेज़ों का जिक्र भी किया था। पुलिस का मानना है कि मामले का मुख्य आधार यह है कि ये दस्तावेज़ कथित तौर पर फ़र्ज़ी थे और इनका इस्तेमाल मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के इरादे से किया गया।
शिकायत और जांच का घटनाक्रम
इस मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केपीसीसी प्रवक्ता राजू पी. नायर की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी। शिकायत के बाद ऑगस्टीन ने तिरुवनंतपुरम जिला अदालत में अग्रिम ज़मानत के लिए अर्जी दी थी। शिकायतकर्ता राजू पी. नायर ने हाल ही में पुलिस के सामने पेश होकर अपना बयान भी दर्ज कराया है।
नायर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ ये दावे एक साज़िश का हिस्सा हैं। उन्होंने मांग की है कि ऑगस्टीन के पास मौजूद दस्तावेज़ों को ज़ब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाए। उनका यह भी कहना है कि इन दावों को ठीक उस समय उछाला गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत कई एजेंसियां रिपोर्टर टीवी के दफ्तरों पर तलाशी अभियान चला रही थीं, जो अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है।
पुलिस जांच के प्रमुख बिंदु
पुलिस अब ऑगस्टीन और उनके सहयोगी से उन दस्तावेज़ों के स्रोत, उनकी प्रामाणिकता और उन परिस्थितियों के बारे में पूछताछ कर सकती है जिनमें इन आरोपों को सार्वजनिक किया गया। ऑगस्टीन का कहना है कि ये दस्तावेज़ उन्हें दो व्यक्तियों ने सौंपे थे। FIR में आरोप है कि जाली दस्तावेज़ों को जानबूझकर रखा गया और एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से उनका प्रसार किया गया।
गौरतलब है कि एंटो ऑगस्टीन हाल ही में एक आबकारी मामले में कुछ दिन जेल में रहने के बाद ज़मानत पर बाहर आए हैं। मुख्यमंत्री पर टिप्पणी से जुड़ी FIR में उन्हें पहला आरोपी बनाया गया है, जबकि दो अन्य अज्ञात लोगों का भी ज़िक्र है। यह मामला ऑगस्टीन के लिए एक और कानूनी चुनौती बनकर सामने आया है, जो पहले से ही "मेसी प्रकरण" से जुड़े एक अन्य मामले का सामना कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



