बुधवार, 4 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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आंध्र प्रदेश में दो चक्रवातों की तबाही: PM मोदी ने CM नायडू से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया

आंध्र प्रदेश में एक सप्ताह के भीतर दो चक्रवात 'अर्नब' और 'मुरासु' ने भारी तबाही मचाई है, जिससे राज्य में फसलों और बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुँचा है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने…

आंध्र प्रदेश में दो चक्रवातों की तबाही: PM मोदी ने CM नायडू से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश में एक सप्ताह के भीतर दो चक्रवात 'अर्नब' और 'मुरासु' ने भारी तबाही मचाई है, जिससे राज्य में फसलों और बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुँचा है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने राहत कार्यों के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।

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बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने प्रधानमंत्री को दोनों चक्रवातों से हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि भारी बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है और सड़क व बिजली जैसे अहम ढांचों को भी गंभीर क्षति पहुँची है। इस पर नायडू ने केंद्र सरकार से राज्य के लिए उचित सहायता की मांग की। प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार सतर्क रहकर चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की।

राज्य का भारी नुकसान और केंद्र से मदद की गुहार

प्रधानमंत्री से बातचीत से पहले, मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर चक्रवातों से हुए नुकसान की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि चक्रवात 'अर्नब' के असर से राज्य अभी उबर भी नहीं पाया था कि 'मुरासु' ने हालात और बिगाड़ दिए। गृह मंत्री शाह ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री को फोन कर नुकसान और राहत कार्यों के बारे में पूछा था।

मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि चक्रवात 'मुरासु' से ही राज्य के आठ सरकारी विभागों को शुरुआती तौर पर 343.95 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। इसमें से करीब 94 प्रतिशत यानी 324.22 करोड़ रुपये का नुकसान अकेले कृषि क्षेत्र में हुआ है।

किसानों पर सबसे बड़ी मार

आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सात जिलों के 465 गांवों में 50,473 हेक्टेयर में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे 69,828 किसान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। क्षतिग्रस्त फसलों में 45,900 हेक्टेयर में धान की फसल शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बापटला, कृष्णा और गुंटूर जिलों में बागवानी समेत अन्य फसलों को विशेष रूप से गंभीर नुकसान पहुँचा है।

राहत और बचाव के इंतजाम

चक्रवात की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और आपातकालीन संचालन केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के लिए SDRF की 11 और NDRF की 13 टीमें तैनात की गई थीं। इसके अलावा, 480 स्कूलों को राहत शिविरों में बदलकर 12,230 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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