G20 की बैठक से द्विपक्षीय व्यापार समझौते तक, पीयूष गोयल के अमेरिकी दौरे के क्या हैं मायने?
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल एक सप्ताह के महत्वपूर्ण दौरे पर अमेरिका जा रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य G20 देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेना और भारत-अमेरिका व्यापार…
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल एक सप्ताह के महत्वपूर्ण दौरे पर अमेरिका जा रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य G20 देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेना और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को नई गति देना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका में रहेंगे, जहां वे कई अहम द्विपक्षीय वार्ताओं और व्यापारिक संवादों में भी शामिल होंगे।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक व्यापार के भविष्य पर मंथन कर रही हैं। इस दौरान भारत का ज़ोर एक ऐसी वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर रहेगा जो नियम-आधारित, पारदर्शी और न्यायसंगत हो, जिसमें विश्व व्यापार संगठन (WTO) की केंद्रीय भूमिका बनी रहे।
G20 में भारत का एजेंडा
पीयूष गोयल 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को विस्कॉन्सिन के मिल्वौकी में आयोजित G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के निमंत्रण पर हो रही है। इस मंच पर भारत विकासशील देशों के लिए नीतिगत लचीलापन बनाए रखने की पुरज़ोर वकालत करेगा। साथ ही, भारत अन्य G20 देशों के साथ मिलकर किसानों, मछुआरों, स्टार्टअप्स और MSME जैसे छोटे उद्यमों के लिए व्यापार के नए अवसर पैदा करने पर रचनात्मक बातचीत करेगा। गोयल इस बैठक के दौरान कई देशों के अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ अलग से भी मुलाकात करेंगे।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौता
इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर होने वाली बातचीत है। पीयूष गोयल अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से मिलकर एक संतुलित और दोनों देशों के लिए लाभकारी समझौते की दिशा में चल रही बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। दोनों पक्ष 7 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान के तहत एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर भी काम कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मजबूती आने की उम्मीद है।
निवेश और कारोबारी संवाद
आधिकारिक बैठकों के अलावा, गोयल मिल्वौकी और शिकागो में कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इनमें विनिर्माण, कृषि, रिटेल और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं। इन बैठकों का मकसद भारत में निवेश और विनिर्माण विस्तार की संभावनाओं को तलाशना है। वह विभिन्न उद्योग समूहों और स्टार्टअप्स के साथ गोलमेज बैठकों में भारत को एक उभरते वैश्विक निवेश और विनिर्माण केंद्र के रूप में भी प्रस्तुत करेंगे।
अपने शिकागो प्रवास के दौरान पीयूष गोयल गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे। इसके अलावा, वह भारतीय मूल के पेशेवर संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे।
इनपुट: IANS



