गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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CMRL-एक्सालॉजिक मामला: पिनराई विजयन ने जांच रोकने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने CMRL-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सतर्कता विभाग की जांच पर रोक लगाने की मांग को लेकर केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की है। समाचार…

CMRL-एक्सालॉजिक मामला: पिनराई विजयन ने जांच रोकने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
(फोटो: IANS)

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने CMRL-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सतर्कता विभाग की जांच पर रोक लगाने की मांग को लेकर केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विजयन की कानूनी टीम इस अपील को जल्द से जल्द, संभवतः शनिवार तक, हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराने की कोशिश कर रही है।

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यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें सतर्कता जांच पर रोक लगाई गई थी। विजयन ने इसी आदेश को अपनी अपील का आधार बनाया है। एकल पीठ के आदेश के खिलाफ पहले दायर उनकी याचिका को अब एक नया नंबर दिए जाने और खंडपीठ के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है।

कानूनी दांव-पेंच और ईडी की तैयारी

पिनराई विजयन की कानूनी रणनीति का एक हिस्सा ईडी को भी किसी भी तरह की आगे की कार्रवाई से रोकना है। इसके लिए एक अलग रिट याचिका दायर करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि अपील पर अंतिम फैसला आने तक ईडी की प्रक्रिया रुकी रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर ईडी नए समन जारी करती है या कोई अन्य कदम उठाती है, तो विजयन, उनके दामाद और माकपा नेता मोहम्मद रियास, और उनकी बेटी टी. वीणा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। यह भी बताया गया है कि विजयन के शुक्रवार को ईडी के समक्ष पेश होने की संभावना नहीं है।

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने उसे जांच जारी रखने से नहीं रोका है। कोच्चि स्थित ईडी कार्यालय में गुरुवार को विशेष निदेशक की निगरानी में मामले की प्रगति की समीक्षा की गई। एजेंसी का तर्क है कि शीर्ष अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत सूचना साझा करने की उसकी कार्रवाई को अवैध नहीं ठहराया है और मामले से जुड़े सबूत अभी भी मौजूद हैं। ईडी हाईकोर्ट में विजयन की अपील का पुरजोर विरोध करने की तैयारी में है।

अब आगे क्या होगा?

विजयन की कानूनी टीम अपील पर बहस के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं को तैयार कर रही है। उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की टिप्पणियों में हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अब सबकी नज़रें हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि अपील लंबित रहने के दौरान ईडी अपनी जांच जारी रख सकती है या उस पर रोक लगेगी। आगामी सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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