शनिवार, 26 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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केरल: लोकायुक्त के साथ गृह मंत्री की बैठक पर विवाद, पिनाराई विजयन ने बताया 'लोकतंत्र विरोधी'

केरल में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला पर लोकतंत्र के सिद्धांतों का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विवाद शनिवार को गृह…

केरल: लोकायुक्त के साथ गृह मंत्री की बैठक पर विवाद, पिनाराई विजयन ने बताया 'लोकतंत्र विरोधी'
(फोटो: IANS)

केरल में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला पर लोकतंत्र के सिद्धांतों का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विवाद शनिवार को गृह मंत्री द्वारा लोकायुक्त और उप-लोकायुक्तों के साथ बुलाई गई एक बैठक को लेकर खड़ा हुआ है, जिसे विजयन ने एक स्वतंत्र संस्था के कामकाज में सीधा हस्तक्षेप बताया।

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विजयन ने इस कदम को कार्यपालिका और न्यायपालिका के शक्तियों के पृथक्करण के मूल सिद्धांत के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, "किसी मंत्री द्वारा लोकायुक्त और उप-लोकायुक्तों को सीधे बुलाना कार्यपालिका और न्यायपालिका के पृथक्करण के मूल सिद्धांत के विरुद्ध है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बैठक संविधान और केरल लोकायुक्त अधिनियम की भावना को कमजोर करती है।

स्वतंत्र संस्था की स्वायत्तता पर सवाल

लोकायुक्त एक महत्वपूर्ण संस्था है जिसे मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों सहित लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सत्ता के दुरुपयोग जैसे आरोपों की जांच का अधिकार है। विजयन ने चेन्निथला पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक स्वतंत्र संस्था को कार्यपालिका के नियंत्रण में लाने का प्रयास किया है।

बैठक में लोकायुक्त व उप-लोकायुक्तों के अलावा अभियोजन महानिदेशक आसफ अली, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विधि सचिव भी मौजूद थे। विजयन ने सवाल उठाया कि एक स्वतंत्र रूप से काम करने वाली संस्था के प्रमुखों को इस तरह तलब नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी लोकायुक्त की निष्पक्षता पर संदेह पैदा कर सकती है।

UDF सरकार के पुराने रुख की याद दिलाई

पिनाराई विजयन ने सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को उसके पुराने रुख की याद दिलाई, जब विपक्ष में रहते हुए उसने लोकायुक्त की स्वायत्तता का पुरजोर समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि UDF ने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार द्वारा लाए गए संशोधनों का विरोध करते हुए राज्यपाल से शिकायत की थी कि ये बदलाव संस्था को कमजोर कर देंगे।

विजयन ने यह भी बताया कि खुद रमेश चेन्निथला ने उन संशोधनों के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसे बाद में अदालत ने खारिज कर दिया था। इस पृष्ठभूमि में विजयन ने हालिया बैठक को विशेष रूप से चिंताजनक बताया और सरकार पर लोकायुक्त न्यायाधीशों को विवाद में घसीटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सरकार को ऐसा कदम नहीं दोहराना चाहिए जिससे लोकायुक्त की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचे।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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