Paytm का मर्चेंट नेटवर्क मज़बूत, ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग और ₹2,200 का लक्ष्य रखा
फिनटेक कंपनी पेटीएम ने अपने मर्चेंट पेमेंट कारोबार में लगातार विस्तार करते हुए जुलाई-सितंबर तिमाही में करीब 7 लाख नए डिवाइस जोड़े हैं। इस विस्तार ने डिजिटल भुगतान बाज़ार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को…
फिनटेक कंपनी पेटीएम ने अपने मर्चेंट पेमेंट कारोबार में लगातार विस्तार करते हुए जुलाई-सितंबर तिमाही में करीब 7 लाख नए डिवाइस जोड़े हैं। इस विस्तार ने डिजिटल भुगतान बाज़ार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर निवेशकों की चिंताओं को कम किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसी के चलते वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने पेटीएम पर अपनी 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है।
बर्नस्टीन ने कंपनी के शेयर के लिए ₹2,200 का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है, जो 26 अक्टूबर के बंद भाव से लगभग 33 प्रतिशत की संभावित बढ़त का संकेत देता है। कंपनी के मर्चेंट डिवाइस का कुल नेटवर्क अब बढ़कर 1.64 करोड़ हो गया है, जो छोटे-बड़े कारोबारियों के बीच इसकी गहरी होती पैठ को दिखाता है।
तिमाही नतीजे और प्रदर्शन
पेटीएम के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों पर नज़र डालें तो कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 28% बढ़कर ₹2,648 करोड़ हो गया। वहीं, एबिटा (EBITDA) 90% की शानदार बढ़त के साथ ₹270 करोड़ पर पहुँच गया। बर्नस्टीन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी के शुद्ध भुगतान मार्जिन में भी सुधार हुआ है, जो 8.5 आधार अंक से बढ़कर 9.1 आधार अंक हो गया है।
दिलचस्प बात यह है कि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कुल लेनदेन मूल्य (GMV) स्थिर रहने के बावजूद, पेटीएम का शुद्ध भुगतान राजस्व 7% बढ़ा। यह दर्शाता है कि कंपनी अब अपने मौजूदा लेनदेन से अधिक कमाई करने में सक्षम हो रही है।
ग्राहक जुड़ाव और अन्य कारोबार
पेटीएम ने न केवल कारोबारियों, बल्कि आम उपभोक्ताओं के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत की है। मासिक लेनदेन करने वाले यूज़र्स की संख्या पिछली तिमाही की तुलना में 50 लाख और सालाना आधार पर एक करोड़ बढ़कर 8.5 करोड़ हो गई है। बर्नस्टीन ने इसे एक और सकारात्मक संकेत माना है।
इसके अलावा, कंपनी के लिए वित्तीय सेवाएँ और मार्केटिंग सेवाएँ भी वृद्धि के प्रमुख स्रोत बनकर उभरी हैं। वित्तीय सेवाओं का राजस्व सालाना आधार पर 49% और तिमाही आधार पर 12% बढ़ा। वहीं, कई तिमाहियों की सुस्ती के बाद मार्केटिंग सेवाओं के राजस्व में भी सालाना 26% और तिमाही आधार पर 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इनपुट: IANS



