शिलांग में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सीएम संगमा ने बताया समग्र योजना का खाका
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को कहा कि शिलांग में लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या का हल टुकड़ों में किए गए उपायों से संभव नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर की याताया…
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को कहा कि शिलांग में लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या का हल टुकड़ों में किए गए उपायों से संभव नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर की यातायात चुनौतियों से निपटने के लिए एक व्यवस्थित पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण सबसे ज़रूरी कदम है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री मावखर और मोटफ्रान में दो मल्टीलेवल कार पार्किंग सुविधाओं का उद्घाटन करने के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, "वन-वे सड़कें बनाना या किसी एक जगह पर पार्किंग रोक देना स्थायी समाधान नहीं हो सकता। समस्या का समाधान खोजने के लिए हमें पहले यह समझना होगा कि समस्या क्यों पैदा हो रही है।"
व्यवस्थित अध्ययन और नई पार्किंग
सीएम संगमा ने बताया कि सरकार ने शिलांग की यातायात व्यवस्था को समझने के लिए एक साल से भी अधिक समय तक ड्रोन, सैटेलाइट तस्वीरों और वाहनों की गिनती के जरिए एक विस्तृत 'मोबिलिटी अध्ययन' करवाया है। इस अध्ययन का एक मुख्य निष्कर्ष यह था कि शहर में नो-पार्किंग जोन तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन पार्किंग के लिए वैकल्पिक जगह नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा, "अगर आप किसी व्यक्ति को एक जगह वाहन खड़ा करने से रोकना चाहते हैं, तो आपको उसे किसी दूसरी जगह पार्किंग का विकल्प भी देना होगा।"
शिलांग स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 38.92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गईं ये दोनों नई पार्किंग सुविधाएं शहर के दो सबसे व्यस्त इलाकों में लगभग 200 वाहनों को व्यवस्थित जगह देंगी। सरकार अपनी व्यापक मोबिलिटी योजना के तहत और पार्किंग स्थल बनाने के लिए सरकारी, सामुदायिक और निजी जमीन की संभावनाएं भी तलाश रही है।
प्रशासनिक बदलाव और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अगले साल सचिवालय को नए 'एडमिनिस्ट्रेटिव सिटी' में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे शिलांग शहर में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों से अगले वर्ष मेघालय में होने वाले राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों में हिस्सा लेने का आग्रह किया, ताकि देश के सामने राज्य की मेहमाननवाजी का प्रदर्शन किया जा सके।
धार्मिक आयोजनों पर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए संगमा ने कहा कि प्रशासन बिना किसी भेदभाव के सभी समुदायों के उत्सवों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, "हम यहां किसी धर्म को बढ़ावा देने के लिए नहीं हैं। हम अपने लोगों का समर्थन करने और उनके उत्सवों में शामिल होने के लिए हैं।" उनके अनुसार, सभी धर्मों को समान सम्मान देना देश की धर्मनिरपेक्ष भावना को दर्शाता है।
इनपुट: IANS



